राजस्थान वालों के लिए ‘Good News’: FIR के लिए थाने जाने की झंझट खत्म, खुद ही हो जाएगा मुकदमा; जानिए कैसे?

जयपुर: राजस्थान पुलिस अकादमी में गुरुवार से दो दिवसीय राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. इस सम्मेलन में आधुनिक युग में पुलिसिंग को और अधिक सशक्त बनाने और कानून-व्यवस्था सुधार के उपायों पर चर्चा होगी. सम्मेलन में शामिल पुलिस अधिकारियों और आला अधिकारियों की उपस्थिति में राजस्थान में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ई-विजिटर पोर्टल का शुभारंभ किया गया.
इस पोर्टल के माध्यम से होटल में ठहर रहे पर्यटकों की जानकारी पुलिस के पास स्वतः उपलब्ध होगी. साथ ही साइबर अपराधों को नियंत्रित करने और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ई-जीरो एफआईआर सिस्टम शुरू किया गया. इसके तहत 10 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी के मामलों में 1039 हेल्पलाइन और NCRB पोर्टल से प्राप्त शिकायतें स्वतः दर्ज होंगी, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलनों का उद्देश्य राज्य और देश की कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और चुनौतियों पर चर्चा करना है. राजस्थान सीमाओं और पांच पड़ोसी राज्यों के साथ जुड़ा होने के कारण कानून-व्यवस्था की मजबूती बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद पुलिसिंग सुधार के लिए पूरी तत्परता के साथ कदम उठाए हैं और पिछले दो वर्षों में कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
सीएम के अनुसार, महिला अत्याचार में 10 प्रतिशत, लूट में 50 प्रतिशत और हत्या में 15 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए नशे, गैंगस्टर गतिविधियों और साइबर अपराध पर कड़ी नजर रखना जरूरी है. भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य जनता को सुरक्षा का भरोसा देना है.
उन्होंने कहा, “टूटी-फूटी ठठेरे के द्वार की कहावत को समझें, कुछ भी होगा तो पुलिस के पास आएगा. इसे सुधारना और व्यवस्था बनाना आपकी जिम्मेदारी है.” इस सम्मेलन में कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी.











