गाजीपुर से छपरा तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: डेढ़ घंटे में पूरा होगा 4 घंटे का सफर, जून तक होगा तैयार

गाजीपुर: आमजन को सुगम यात्रा के साथ ही कम समय में उन्हें महानगरों से जोड़ने के लिए भारत सरकार के द्वारा लगातार हाईवे निर्माण के कार्यों पर जोर दिया जा रहा है. इसी की कड़ी में गाजीपुर में जहां पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और फॉर लेंथ का निर्माण कराया गया, वहीं अब ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का भी निर्माण कराया जा रहा है जो गाजीपुर के हृदयपुर से शुरू होकर छपरा के सहावलपुर तक करीब 134 किलोमीटर का निर्माण हो रहा है. जिसमें पचासी परसेंट का निर्माण पूर्ण हो चुका है. शेष 15% कम आगामी जून महीना तक पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है.
गाजीपुर जनपद को बिहार के छपरा मांझी घाट तक जोड़ने के लिए NHI के द्वारा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई करीब 134 किलोमीटर की बताई जा रही है, जो कुल 4 फेज में बनाई जा रही है और इसके बनाने में लागत 5311 करोड रुपए की आ रही है. इसका निर्माण कार्य काफी प्रगति पर चल रहा है और इसी को लेकर NHI के द्वारा इस प्रोजेक्ट का मीडिया ब्रीफिंग का कार्य कराया गया.
जिसको लेकर प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल ने बताया कि यह हाइवे नेशनल हाईवे 31 का बाईपास मार्ग है और इस मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण भारत सरकार के द्वारा इस तरह के हाईवे निर्माण की मंजूरी दी गई थी, जिसमें इसकी लंबाई 134 किलोमीटर है जो गाजीपुर के हृदयपुर से स्टार्ट होकर छपरा के सहबलपुर में जाकर समाप्त होता है और इस प्रोजेक्ट में 185 गांव यूपी के और चार गांव बिहार के आते हैं और इसके बनने से बिहार बक्सर बलिया की कनेक्टिविटी सीधे लखनऊ से हो जाएगी.
उसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली को भी कनेक्ट कर देगा उसके बनने से अब लोगों का समय भी बचत होगा, क्योंकि पहले गाजीपुर से मांझी घाट तक जाने में करीब 4 घंटे लगते थे अब यह दूरी मात्र डेढ़ घंटे में पूरी हो जाएगी. इसके निर्माण को लेकर बताया कि इसमें करीब 85 % कार्य पूरे हो चुके हैं. शेष 15% कम जल्द ही पूरे हो जाएंगे. इस पर स्पीड को लेकर बताया कि 100 किलोमीटर की स्पीड को लेकर इस हाईवे का निर्माण किया गया है और पूरे हाईवे पर लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है.
यह पूरा हाईवे फोर लेंथ की है और सेफ्टी के लिए एडवांस सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है जिससे कि कभी भी कोई दुर्घटना या हादसा होने पर तत्काल सूचना मिलते ही तत्काल राहत के लिए एंबुलेंस और अन्य संसाधन लोकेशन पर भेजा जा सके कार्य के प्रगति को लेकर बताया कि जून महीने तक कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा.










