गैस किल्लत पर हाई कोर्ट सख्त, पेट्रोलियम मंत्रालय और कंपनी को जारी नोटिस

देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कमी के बीच मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ एक निजी कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया।

छह एलपीजी वितरकों की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि नागपुर मुख्यालय वाली एक निजी पेट्रोलियम कंपनी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने में विफल रही है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार के निर्देश के बावजूद घरेलू बाजार में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ाई गई।

याचिका में कहा गया है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे एलपीजी उत्पादन पर भी असर पड़ा है। इसके बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने निर्देश जारी किए थे कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि कंपनी से बार-बार अनुरोध किया गया कि वह एलपीजी के निर्यात को रोककर घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाए, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी की ओर से बताया गया कि वह अपनी निर्यात रणनीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को भी पूरा करने के लिए बाध्य है।

हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने सुनवाई के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और संबंधित कंपनी को नोटिस जारी करते हुए जवाब देने के लिए कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देने से जुड़ी सरकारी नीति का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

याचिका में बताया गया है कि छह वितरक संबंधित कंपनी से एलपीजी खरीदकर नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में इसकी आपूर्ति करते हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित नीतियां बनाने और निर्देश जारी करने के लिए जिम्मेदार है, जबकि विदेश व्यापार महानिदेशालय निर्यात से जुड़े नियम और प्रतिबंध तय करता है।

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