उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रबंधन को लगाई फटकार, जानिए किस बात पर हुए नाराज

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय डीके कॉलेज में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिले और विधानसभा के प्रभारी उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा अचानक निरीक्षण के लिए कैंपस में पहुंच गए. कैंपस में फैली गंदगी, जर्जर भवन, टूटे फर्नीचर, खराब वॉशरूम, विज्ञान प्रयोगशाला की अव्यवस्था और व्यवस्थागत कमियों ने मंत्री को नाराज कर दिया. निरीक्षण के दौरान छात्रों, स्टाफ और स्थानीय लोगों ने भी मंत्री के सामने अपनी-अपनी शिकायतें खुलकर रखीं.
कैंपस में घुसते ही सामने आई अव्यवस्था
जैसे ही मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य गेट से भीतर पहुंचे, उन्हें सबसे पहले गंदगी, झाड़ियों और टूटी पड़ी बेंचें दिखाई दीं. कई जगह दीवारों की पपड़ी झड़ चुकी थी और क्लासरूम के बाहर कचरे का ढेर पड़ा हुआ था. उन्होंने तुरंत प्राचार्य से पूछा कि “ये हालत, आखिर किसकी जिम्मेदारी है?”
कुछ ही देर में निरीक्षण की तस्वीर और भी खराब होती चली गई
- वॉशरूम पूरी तरह बदहाल, कई जगह पानी की व्यवस्था तक नहीं
- विज्ञान प्रयोगशाला में केमिकल बिखरे हुए, उपकरणों की गलत हैंडलिंग
- कई विभागों में टूटा हुआ फर्नीचर
- स्टाफ रूम में अव्यवस्था
- परिसर में साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं
- बिजली फिटिंग कई जगह खराब
- पीने के पानी की व्यवस्था कमजोर
मंत्री ने इन सभी बातों पर कड़ा असंतोष जताते हुए तुरंत सुधार करने के स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा “यह कॉलेज जिले का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान है, यहां की बदहाली किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं.”
छात्रों ने पहले भी सौंपा था ज्ञापन
बीते दिनों NSUI के छात्रों ने महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर साफ-सफाई, फर्नीचर, प्रयोगशालाओं, मरम्मत और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. उस समय प्राचार्य ने फंड की कमी का हवाला देते हुए तत्काल सुधार में असमर्थता जताई थी.
मंत्री वर्मा का सख्त निर्देश—7 दिन में रिपोर्ट देंगे अधिकारी
निरीक्षण के अंत में मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा “कॉलेज एक शिक्षण मंदिर है, इसका ऐसा हाल अस्वीकार्य है. 7 दिनों के भीतर सभी अव्यवस्थाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और सुधार कार्य शुरू हो जाए.”
उन्होंने यह भी निर्देश दिए
- पूरे कॉलेज की सफाई तत्काल शुरू की जाए
- वाशरूम की मरम्मत प्राथमिकता में हो
- विज्ञान प्रयोगशालाओं को सुरक्षा के नियमों के अनुसार दुरुस्त किया जाए
- टूटे हुए फर्नीचर को बदला जाए
- परिसर में गार्डनिंग और सफाई व्यवस्था नियमित की जाए
- रजिस्ट्रार के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच हो
- छात्रों के लिए पीने का पानी और बिजली की व्यवस्था दुरुस्त की जाए
निरीक्षण के बाद प्रशासन हरकत में
निरीक्षण खत्म होते ही कॉलेज प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में नजर आया. स्टाफ ने सफाई शुरू कर दी, वाशरूम की मरम्मत के लिए टीम बुलाई गई, और विभागीय प्रमुखों की तुरंत बैठक ली गई, प्राचार्य ने भी मंत्री को आश्वासन दिया कि सभी कमियां निर्धारित समय में दूर कर दी जाएंगी.









