35 सेकंड में खुलेगी अपराधियों की कुंडली: अमित शाह ने लॉन्च किया ‘अभिज्ञान’ ऐप, फिंगरप्रिंट स्कैन होते ही सामने आएगा पूरा रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 22 जून 2026
देश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) का नया ‘अभिज्ञान’ ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप किसी भी संदिग्ध या अपराधी के फिंगरप्रिंट का मिलान कर महज 35 सेकंड में उसकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध कराएगा।
कैसे काम करेगा अभिज्ञान ऐप?
अब तक पुलिस को फिंगरप्रिंट की जांच के लिए नमूने फॉरेंसिक लैब भेजने पड़ते थे, जिसमें कई दिन या हफ्तों का समय लग जाता था। लेकिन नए ऐप के जरिए पुलिस मौके पर ही मोबाइल से फिंगरप्रिंट स्कैन करेगी और सिस्टम कुछ ही सेकंड में बताएगा कि व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।
NAFIS डेटाबेस से जुड़ा है ऐप
यह ऐप NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) के केंद्रीय सर्वर से जुड़ा हुआ है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस डेटाबेस में 1.29 करोड़ से अधिक अपराधियों के फिंगरप्रिंट और उनके आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। किसी भी नए अपराधी की जानकारी दर्ज होते ही डेटाबेस स्वतः अपडेट हो जाएगा।
पुलिस जांच को मिलेंगे बड़े फायदे
- अपराधियों की पहचान में लगने वाला समय घटकर 35 सेकंड रह जाएगा।
- एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में छिपे अपराधियों का रिकॉर्ड तुरंत सामने आ सकेगा।
- जांच प्रक्रिया तेज होने से अपराधियों के बच निकलने की संभावना कम होगी।
- फिंगरप्रिंट आधारित साक्ष्य कोर्ट में मजबूत सबूत माने जाते हैं, जिससे दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘अभिज्ञान’ ऐप के जरिए देश की पुलिसिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी, तेज और तकनीक आधारित बनेगी। इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और सटीक हो जाएगी।











