शादी का झांसा देकर मानव तस्करी! मोतिहारी में 5 गिरफ्तार, दो बेटियों की मां बनी शिकार

“पहले मुझे शादी का झांसा दिया गया। मैंने साफ मना कर दिया तो उन लोगों ने पैसे का लालच देना शुरू कर दिया। जब मैं इसके लिए भी तैयार नहीं हुई तो उन्होंने मुझे पानी पिलाया। मुझे शक है कि पानी में कुछ नशीला पदार्थ मिलाया गया था। पानी पीने के बाद मुझे कुछ भी याद नहीं रहा। जब मेरी आंखें खुली तो मैं एक होटल के कमरे में थी। मेरे आसपास पुलिस की पूरी टीम मौजूद थी। तब मुझे एहसास हुआ कि पुलिस ने मुझे बचा लिया है।”

संजू देवी ने आगे बताया, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिन लोगों से पहली बार मुलाकात हुई, वही लोग मुझे इस तरह अपने जाल में फंसाने की कोशिश करेंगे। मैं अपनी दो बेटियों की वजह से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन वे लोग लगातार दबाव बना रहे थे। समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो पता नहीं मुझे कहां ले जाते।”

ये कहना है पूर्वी चंपारण के मोतिहारी की रहने वाली संजू देवी का, जिसका पुलिस ने मानव तस्करों के चंगुल से रेस्क्यू किया है। पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में पुलिस ने राजस्थान से जुड़े एक गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।

इस पूरे मामले में सबसे अहम है पीड़िता संजू देवी की आपबीती। जिसने पुलिस को बताया कि किस तरह उसे धीरे-धीरे बातों में उलझाकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश की गई।

मैं पहली बार उनसे मिली थी, पहले कोई जान-पहचान नहीं थी

संजू देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, मैं आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी। मेरा उनलोगों से कोई संपर्क नहीं था। रविवार(21 जून) को मेरी बेटी की तबीयत खराब थी। इसी वजह से शाम में उसके लिए दवा लेने निकली थी।

इसी दौरान छतौनी मंदिर के पास मैं गई थी। वहीं ये लोग मिले। पहली बार ही उनसे मुलाकात हुई थी। वो लोग मेरे से बात करने लगे। मुझे अपने साथ चलने के लिए कहने लगे। उन्होंने कहा कि चलो हमारे साथ। मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती हूं। मेरा घर है, बच्चे हैं। मैं ऐसे किसी के साथ नहीं जा सकती।

इसके बाद आरोपियों ने मुझसे पूछा तुम्हारा पति कहां रहता है? क्या करता है? इसपर मैंने कहा, मेरे पति की एक साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उनलोगों ने मुझे शादी का जिद्द करना शुरू कर दिया।

मेरे पास दो बच्चियां हैं। उनको कौन देखेगा?

संजू देवी ने बताया कि वो लोग मुझे शादी का दबाव बनाते रहे। मैंने उनसे कहा कि मैं ऐसी शादी नहीं कर सकती। मेरे माता-पिता मेरी शादी करेंगे।

मैंने कई बार साफ शब्दों में शादी से इनकार किया, लेकिन आरोपी मुझे लगातार मनाने की कोशिश करते रहे। मैंने उनसे कहा भी कि मेरे ऊपर दो बेटियों की जिम्मेदारी है। मैं किसी अनजान व्यक्ति के साथ शादी नहीं कर सकती हूं।

पीड़िता ने बताया कि वह अपनी जिंदगी में पहले ही बहुत कुछ झेल चुकी है। पति की मौत के बाद वह अपनी दोनों बेटियों की देखभाल कर रही है।

संजू देवी ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपियों से कहा कि उसके बच्चों की जिम्मेदारी सबसे पहले है। लेकिन आरोपियों ने उसकी बात नहीं मानी और शादी के लिए दबाव बनाते रहे।

10 हजार रुपए का दिया लालच, फिर भी नहीं मानी

पीड़िता के अनुसार, जब वह शादी के लिए तैयार नहीं हुई तो आरोपियों ने पैसे का लालच दिया। उन्होंने मुझसे कहा, तुम शादी कर लो, हम पैसा देंगे। मैंने कहा कि मुझे पैसे का लालच नहीं है। आरोपियों ने मुझे 10 हजार रुपए देने की बात कही। इसके बाद भी आरोपी उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करते रहे।

पानी पिलाने के बाद बिगड़ी स्थिति, फिर कुछ याद नहीं

संजू देवी ने पुलिस को बताया कि इसके बाद आरोपियों ने मुझे पानी पीने के लिए दिया। उन्होंने मुझे पानी की बोतल दी। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं दिया गया। पानी पीने के बाद मुझे कुछ याद नहीं रहा।

महिला ने आशंका जताई कि पानी में कुछ मिलाया गया होगा। उसने बताया कि इसके बाद उसे नहीं पता चला कि वह कहां गई और उसके साथ क्या हुआ।

कमरे में ले गए, फोटो खींची और लड़का दिखाया

पीड़िता के मुताबिक, उसे एक कमरे में ले जाया गया। वहां उसकी फोटो खींची गई। वह लोग एक कमरा बुक किए थे। मुझे वहां ले जाकर बैठाया। मेरी फोटो खींची। फिर बोले कि यह लड़का पसंद है, इससे शादी कर लो। संजू देवी ने बताया कि उसने फिर भी शादी से इनकार कर दिया।

राजस्थान ले जाने की थी तैयारी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह राजस्थान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि महिलाओं को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाया जाता था। संजू देवी ने भी बताया कि आरोपी उसे बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। उसने कहा कि अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो उसे राजस्थान ले जाया जा सकता था।

होटल ले गए, लेकिन खाने से किया इनकार

संजू देवी ने बताया कि आरोपी उसे होटल भी लेकर गए। वह लोग बोले कि चलो नाश्ता कर लो। लेकिन मेरा खाने का मन नहीं था। मैंने मना कर दिया। इसके बाद ही पुलिस की कार्रवाई हुई और उसे बचा लिया गया। जब पुलिस पहुंची तो मैंने सब बताया कि ये लोग मुझे जबरदस्ती ले जा रहे हैं।

पति की मौत के बाद परेशान थी, गिरोह ने उठाया फायदा

पीड़िता की मां हीरामती देवी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। पति की मौत के बाद बेटी अकेली पड़ गई थी। उन्होंने बताया कि बेटी के दो बच्चे हैं और वह किसी तरह अपनी जिंदगी चला रही थी। बेटी की हालत का फायदा उठाकर इन लोगों ने उसे फंसाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो बेटी को काफी दूर ले जाया जा सकता था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने होटल में की छापेमारी

पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान का मानव तस्करी गिरोह थाना क्षेत्र में सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को जानकारी दी गई। इसके बाद विशेष टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के एक होटल में छापेमारी कर महिला को मुक्त कराया। मौके से सुनीता पांडे, नीतू कुमारी, खातून, मुरली मेघवाल और अजय कुमार सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

महिलाओं को फंसाकर दूसरे राज्यों में ले जाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह पहले महिलाओं को अपने विश्वास में लेता था। इसके बाद शादी और पैसे का लालच देकर उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाने की कोशिश की जाती थी।

आशंका है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है और इनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद गिरोह के खिलाफ और भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समय रहते महिला को सुरक्षित बचा लेने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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