अमेठी: रेभा गांव में अंडरपास बनाने की मांग, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, नारेबाजी

अमेठी : कस्बे में निर्माणाधीन बाईपास फेज 2 से संकट के बादल कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।आज रेभा गांव के सैकड़ो ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए अंडरपास बनाने की मांग की.

ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक लोग आवागमन करते हैं लेकिन विभाग द्वारा अंडरपास का निर्माण नहीं कराया जा रहा है जिससे हजारों की संख्या में आबादी प्रभावित होगी.जो काम चलाऊ रास्ता है उसी भी बंद किया जा रहा है.
दरअसल अमेठी कस्बे के दक्षिणी छोर पर बाईपास फेस टू का निर्माण कराया जा रहा है जो शुरुआत से लगातार विवादों में रहा है.शुरू में कई गांव की ग्रामीणों ने कार्यशाई संस्था पर जबरन अवैध खनन का आरोप लगाए इसके बाद प्रशासन को भी कई कार्रवाई करने पड़ी तो अब एक बार फिर यह बाईपास विवादों के घेरे में आ गया है.अमेठी प्रतापगढ़ मार्ग से रेभा गांव होते हुए विशेश्वरगंज तक सड़क जाती है जिस पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं.
सबसे ज्यादा स्कूली छात्र-छात्राएं कस्बे में पढ़ने आती है। यहां पर कार्यदाई संस्था द्वारा सड़क के बराबर एक पानी निकालने के लिए नाला बना दिया गया था जिससे लोग आवागमन करते थे.आज कार्यदाई संस्था के वर्कर पहुंचे और उस नाले को बंद करने लगे. नाला.बंद करने की जानकारी मिलते ही सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे.
ग्रामीणों ने कहा कि यह रास्ता हमेशा चालू रहता है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं.हम लोगों ने पहले ही मांग की थी कि अंडरपास बनाया जाए लेकिन अंडरपास नहीं बनाया गया और पानी निकासी के लिए एक नाला बना दिया गया.जिससे हम लोग आवागमन करते है.हमारी मांग है कि इस नाले को और चौड़ा करते हुए ऊंचा किया जाए जिससे कि यह अंडरपास का रूप ले सके और हम लोगों के अलावा हमारे बच्चे भी आसानी से अमेठी कस्बा जा सके.
अगर यहां अंडर पास नहीं बना तो बड़ा विरोध किया जाएगा जो गांव को आने गांव को आने वाली में सड़क है यह भी जिला पंचायत से बनी है जो बहुत ही पुरानी सड़क है.










