मैं धर्मनिरपेक्ष हूं, मुझे सभी धर्मों से प्रेम है: CM ममता बनर्जी ने विपक्ष पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष के तुष्टीकरण के आरोपों का जवाब देते हुए खुद को धर्मनिरपेक्ष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें बंगाल और भारत से प्रेम है और वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं। सीएम ने गंगासागर पुल और सिलीगुड़ी महाकाल मंदिर जैसी विकास परियोजनाओं की घोषणा भी की।

दुर्गा नगर में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, कई लोग कहते हैं कि मैं तुष्टिकरण कर रही हूं, लेकिन मैं धर्मनिरपेक्ष हूं और सभी धर्मों में विश्वास रखती हूं। हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार से गंगासागर पर पुल बनवाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब मैं इसे खुद बनवाऊंगी। आधारशिला 5 जनवरी को रखी जाएगी और पुल अगले दो वर्षों में तैयार होगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह में सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी।

विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि अगर आप बंगाली में बात करते हैं तो कुछ लोग आपको बांग्लादेशी बता देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि बंगाल में रहते हुए क्या नागरिक होने का प्रमाण देना पड़ता है और नागरिकता व मतदान के अधिकार के बीच क्या संबंध है।

ममता ने कहा कि मैं किसी को खुश करने की कोशिश नहीं करती और सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्ष हूं। वे सभी धर्मों के सामंजस्य और सभी धर्मों के प्रति प्रेम में विश्वास करती हैं। उन्होंने कहा कि वे गुरुद्वारा भी जाती हैं और सिर ढककर जाती हैं, लेकिन उपवास रखने पर विवाद क्यों होता है।

सीएम ने स्पष्ट किया कि वे हिंदू परंपरा के अनुसार उचित वस्त्र पहनती हैं और किसी धर्म के आयोजनों में हिस्सा लेने से पीछे नहीं हटतीं। उनका संदेश है कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है सभी धर्मों का सम्मान और सामंजस्य।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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