“आईफोन नहीं मिला तो देख लेना…” पिता की गरीबी पर भारी पड़ी बेटी की जिद, जहर खाकर दी जान

उत्तर प्रदेश :झांसी में 11वीं की एक छात्रा ने आईफोन के लिए जान दे दी.वह कई दिनों से आईफोन दिलाने की जिद कर रही थी.
आत्महत्या से पहले छात्रा ने अपने पिता को धमकी देते हुए कहा था- अगर दो दिन में आईफोन नहीं मिला तो देख लेना.उस वक्त पिता को उसकी धमकी समझ नहीं आई। जब माता-पिता काम पर चले गए, उसी दौरान छात्रा ने जहर खा लिया.हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आनन-फानन में उरई मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया.
छात्रा की रविवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। बेटी की मौत से पूरा परिवार आहत है.पिता ने कहा- मैं गरीब किसान हूं.आईफोन के लिए पैसे नहीं थे.पूरा मामला जालौन के डकोर थाना क्षेत्र के कुशमिलिया गांव का है.
पिता बोले- बेटी से कहा था मटर बेचकर रुपए दे दूंगा कुशमिलिया गांव निवासी तुलसीराम राजपूत किसान हैं.उन्होंने बताया- मेरी दो बेटियां संतोषी और माया व एक बेटा मानवेंद्र है.बड़ी बेटी संतोषी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी माया (18 साल) गांव के राजकीय इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी.बेटा मानवेंद्र भी पढ़ाई करता है.
कुछ समय पहले माया का मोबाइल टूट गया था, जिसके बाद वह नया फोन दिलाने की मांग कर रही थी.वह कहती थी कि आपने बहन और भाई को मोबाइल दिला दिया है, अब मुझे भी नया मोबाइल चाहिए.माया एक पुराना आईफोन मांग रही थी, जिसकी कीमत करीब 40 हजार रुपए थी.
मेरे पास इतने पैसे नहीं थे.मेरी अपनी खेती नहीं है, बटाई पर जमीन लेकर खेती करता हूं और साथ ही ऑटो चलाकर परिवार का खर्च चलाता हूं.गरीबी के कारण बेटी की आईफोन की मांग पूरी नहीं कर सका. मैंने उससे कहा था कि 15 दिन बाद मटर की फसल बिक जाएगी, तब उसे पुराना आईफोन दिला दूंगा, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही
बेटी ने अल्टीमेटम दिया, लेकिन समझ नहीं पाया
पिता तुलसीराम राजपूत ने आगे बताया- बेटी माया काफी जिद्दी स्वभाव की थी.पहले उसने घड़ी की मांग की थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया था. कुछ समय पहले वह सोने की झुमकी मांग रही थी, लेकिन बाद में कहने लगी कि झुमकी बाद में दिला देना, अभी मुझे आईफोन चाहिए.
शुक्रवार को उसने मुझसे कहा कि अगर दो दिन में आईफोन नहीं दिलाया तो तुम्हें पता चल जाएगा. मैंने उससे पूछा कि क्या पता चल जाएगा, तो उसने कहा कि तुम खुद देख लेना.मैं उसकी बात का मतलब नहीं समझ पाया.
शनिवार को मैं ऑटो चलाने चला गया था और मेरी पत्नी बबली खेत पर मटर तोड़ने गई हुई थी.उस समय बेटी माया घर पर अकेली थी.इसी दौरान उसने चूहा मारने की दवा खा ली.
जब बेटा मानवेंद्र घर पहुंचा तो माया ने उसे बताया कि उसने जहर खा लिया है.इसके बाद हम लोग उसे उरई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे.हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.आईफोन की मांग पूरी न होने पर मेरी बेटी ने यह कदम उठा लिया।
माया की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है
थाना प्रभारी ने बताया पुलिस पूरी मामले की जांच में जुटी हुई हैं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है मामला जालौन का है तो पूरी जांच जालौन पुलिस करेगी.









