अब नहीं सुनी तो जाएंगे हाईकोर्ट! पंचायत परिसीमन को लेकर सरकार को खुली चेतावनी 

औरंगाबाद: चुनाव से पूर्व पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन कराने की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधि एकजुट होकर आवाज बुलंद कर रहे है. गुरुवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ एवं अन्य प्रतिनिधि संगठनों की जिला स्तरीय कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पंचायतों के पुनः परिसीमन का प्रस्ताव पारित किया गया.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मांगों पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने की स्थिति में पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा. संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि बिहार में वर्ष 2001 में 1991 की जनगणना के आधार पर पंचायतों का परिसीमन किया गया था, जबकि वर्तमान में पंचायतों की आबादी लगभग ढाई गुना बढ़ चुकी है.
इसके बावजूद परिसीमन नहीं किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है. श्री राय ने कहा कि राज्य के कई जिलों और प्रखंडों में कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल 10 किलोमीटर से अधिक रेडियस में फैला हुआ है, जिससे वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी है. कई पंचायतों की जनसंख्या अब 20,000 के पार पहुंच गई है और उनका भौगोलिक क्षेत्रफल भी काफी बढ़ गया है.
एक मुखिया के लिए इतनी बड़ी आबादी और बड़े क्षेत्र की समस्याओं को संभालना अब मुश्किल हो रहा है. वहीं, नगर निकायों के गठन और उनके क्षेत्र विस्तार के कारण कई पंचायतों का विखंडन एवं पुनर्गठन अव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुई है. श्री राय ने कहा कि पंचायतों का आकार छोटा होना चाहिए ताकि विकास कार्य जमीन तक पहुंच सकें और चुनाव लड़ने के इच्छुक आम लोगों को भी मौका मिले.
श्री राय ने कहा कि मनरेगा सामग्री मद का बकाया रहने से पंचायतों का विकास कार्य प्रभावित है. कहा कि बकाया को प्राथमिकता के आधार पर एक माह के अंदर शत-प्रतिशत भुगतान कराया जाय.मनरेगा प्रशासनिक स्वीकृति का बढ़ा हुआ दायरा 10 लाख को अविलंब लागू किया जाय. मनरेगा में पंचायत्तों को 20 योजनाओं के प्रतिबंध से मुक्त किया जाए. मनरेगा में एनएमएमएस दिन में एक बार ही लागू किया जाए.
बैठक में बिहार जिला परिषद संघ के प्रदेश सचिव ई. सुबोध कुमार सिंह, जिला पार्षद शंकर यादव, जिला पार्षद विकास कुमार, जिला पार्षद प्रतिनिधि संजय यादव, जिला पार्षद अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेश यादव, मुखिया संघ के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, मुखिया बृजमोहन यादव सहित कई जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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