खल्लारी रोपवे हादसा : कांग्रेस की जांच टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

महासमुंद. खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे मामले में कांग्रेस की 6 सदस्यीय जांच दल ने बुधवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया. हादसे की वास्तविक वजहों की गहराई से जांच की गई. कांग्रेस के जांच टीम ने हादसे की वजह रोपवे संचालन में अनेक खामियां को चलते होना पाया है.
बिना विशेषज्ञ मेंटेनेंस, बदला गया चक्का और जनरेटर से संचालन
जांच टीम के नेतृत्व कर रहे खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मीडिया के सामने रोपवे हादसे से जुड़ी 4 मुख्य बिंदुओं पर कहा कि, कंपनी ने नवरात्रि पर्व के तीन दिन पूर्व मेंटेनेंस कार्य कराया गया था, इस दौरान कोई तकनीकी इंजीनियर विशेषज्ञ मौजूद नहीं था. मेंटेनेंस के दौरान अपर स्टेशन के मुख्य चक्का (व्हील) को बदल गया था, वह पूर्व में लगे चक्के से भिन्न पाया गया. रोपवे संचालन के लिए पिछले दो-तीन महीना से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण रोपवे का संचालन जनरेटर के माध्यम से किया जा रहा था.
कम अनुभवी टीम को संचालन की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि रोपवे का प्रारंभिक संचालन अनुभवी टीम द्वारा किया जा रहा था, लरकिन बिना किसी पूर्व सूचना और अज्ञात कारणों से उसे टीम को बदलकर स्थानीय और कम अनुभव भी टीम से संचालन कराया जा रहा था. उन्होंने आगे कहा कि, रोपवे संचालन में मेंटेनेंस और चेकलिस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण, अनिवार्य प्रक्रिया है, लेकिन अनुभवहीन टीम के कारण नियमित मेंटेनेंस और आवश्यक चेक लिस्ट का संधारण नहीं किया गया था.
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने एक सवाल पर कहा कि, जब खल्लारी मंदिर में रोपवे का काम चल रहा था, तब कंपनी ब्लैक लिस्ट नही था. काम के बाद ही कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की जानकारी मिली है. मंदिर ट्रस्ट को इससे जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं थी. विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मृतकों और घायलों के लिए जारी मुआवजा राशि को नाकाफी बताया. उन्होंने कहा कि 50-50 लाख मुआवजा और घायलों के ठीक होने तक पूरी तरह से मुफ्त इलाज होना चाहिए. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पीसीसी अध्यक्ष को सौंपी जाएगी.









