महतारी वंदन योजना: महिलाओं के लिए फिर खुलने जा रहा पोर्टल, नए आवेदन जल्द होंगे शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से महतारी वंदन योजना में नए पंजीयन का इंतजार कर रही महिलाओं को जल्द आवेदन का मौका मिलने वाला है। राज्य सरकार एक बार फिर योजना का पोर्टल खोलने जा रही है। इसकी शुरुआत बस्तर संभाग से की जाएगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य संभागों में भी पंजीयन प्रक्रिया शुरू होगी।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद तैयारी तेज
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि महतारी वंदन योजना के नए पंजीयन के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है। सरकार जल्द ही पोर्टल को दोबारा शुरू करेगी। पहले चरण में बस्तर संभाग के सभी जिलों में आवेदन लिए जाएंगे, उसके बाद अन्य क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को भी मौका दिया जाएगा।
1 जुलाई को जारी होगी 29वीं किस्त
मंत्री ने बताया कि योजना की 29वीं किस्त 1 जुलाई को हितग्राही महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। प्रदेश की लाखों महिलाएं हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ उठा रही हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की बड़ी योजना
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसे 1 मार्च 2024 से लागू किया गया था। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इस तरह एक वर्ष में 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। अब तक योजना की 28 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
कौन-कौन महिलाएं हैं पात्र?
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का विवाहित होना आवश्यक है। इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को भी योजना का लाभ दिया जाता है।
आवेदन के लिए क्या करना होगा?
पात्र महिलाएं पोर्टल खुलने के बाद ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकार जल्द ही पंजीयन शुरू होने की तारीख और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा। इसके साथ ऐसा मोबाइल नंबर होना जरूरी है जो बैंक खाते से लिंक हो, ताकि किस्त की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच सके।











