मैहर: 18 स्कूलों में 4.20 करोड़ का बड़ा ‘शिक्षा घोटाला’, 3 प्रभारी प्राचार्य समेत 4 निलंबित

मैहर: मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में सरकारी राशि के बंदरबांट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. स्कूलों की मरम्मत और निर्माण कार्यों के नाम पर करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपये का गबन किया गया है. इस मामले में जिला कलेक्टर रानी बाटड की जांच रिपोर्ट के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर तीन प्रभारी प्राचार्यों और एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
बिना काम कराए ठेकेदारों को लुटा दी सरकारी राशि
जांच समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से 18 स्कूलों में बिना कोई काम कराए ही भुगतान कर दिया गया. शासकीय हाईस्कूल मनकहरी: यहाँ के प्रभारी प्राचार्य राजेश कुमार साकेत ने बिना काम कराए 24.79 लाख रुपये का भुगतान ‘वाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर’ को कर दिया.
छिरहाई और मझटोलवा: इन स्कूलों के प्रभारी प्राचार्यों ने ‘महाकाल ट्रेडर्स’ को 48 लाख रुपये से अधिक का फर्जी भुगतान किया.
इन पर गिरी निलंबन की गाज
संयुक्त संचालक, रीवा द्वारा जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों को निलंबित कर बीईओ कार्यालय अमरपाटन व मैहर संबद्ध किया गया है: राजेश कुमार साकेत: प्रभारी प्राचार्य, शासकीय हाईस्कूल मनकहरी रामाधार वर्मा: प्रभारी प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिरहाई, कामता प्रसाद तिवारी: प्रभारी प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझटोलवा, विनोद कुमार पटेल: कर्मचारी, संदीपनी स्कूल रामनगर (कोषालय में गलत देयक लगाने के आरोप में).
कलेक्टर की सख्ती से उजागर हुआ मामला
यह पूरा घोटाला मैहर कलेक्टर रानी बाटड के संज्ञान में आने के बाद उजागर हुआ। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर और संयुक्त संचालक रीवा को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया था. विदित हो कि इस मामले में पूर्व में रामनगर बीईओ और सुलखमा स्कूल के प्राचार्य को भी निलंबित किया जा चुका है.
जांच का दायरा बढ़ना तय
विभागीय सूत्रों की मानें तो 4.20 करोड़ का यह गबन महज एक बानगी है. जांच का दायरा बढ़ने पर कई अन्य स्कूलों और अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं. फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार की यह कड़ियां और कहाँ-कहाँ जुड़ी हैं.











