NEET UG 2026 Exam Cancelled – नासिक से लीक, गुरुग्राम में सौदा और राजस्थान में बंटा पेपर

NEET UG 2026 Exam Cancelled/दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा को पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है।

जांच में सामने आया है कि इस महा-घोटाले की जड़ें महाराष्ट्र के नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ी थीं, जहां से पेपर चोरी होकर हरियाणा के रास्ते राजस्थान और देश के अन्य राज्यों तक पहुंच गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच की कमान अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में छात्रों के पास परीक्षा से दो दिन पहले ही एक ‘गेस पेपर’ पहुंच गया। दावा किया जा रहा है कि इस गेस पेपर में मुख्य परीक्षा के 180 में से 120 से ज्यादा सवाल हूबहू वही थे, जो 3 मई को असली प्रश्नपत्र में आए। करीब 720 में से 600 नंबर के प्रश्न परीक्षा से पहले ही बाजार में बिक रहे थे। राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जब जांच शुरू की, तो पता चला कि पेपर माफियाओं ने टेलीग्राम और वॉट्सएप पर ग्रुप बनाकर इसे ‘क्वेश्चन बैंक’ के नाम से छात्रों और कोचिंग संचालकों को बेचा था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पेपर लीक का मास्टरमाइंड नासिक का शुभम खैरनार बताया जा रहा है, जिसने प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर उड़ा लिया था। वहां से यह पेपर पुणे और फिर हरियाणा के गुरुग्राम पहुंचा, जहां से इसे राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में फैलाया गया। राजस्थान में सीकर के आरके कंसल्टेंसी चलाने वाले राकेश मंडावरिया और जयपुर के मनीष यादव सहित 15 संदिग्धों को एसओजी ने हिरासत में लिया है, जिन्हें अब सीबीआई के हवाले कर दिया गया है। राकेश मंडावरिया के बारे में खुलासा हुआ है कि वह लंबे समय से सीकर में सॉल्वर और कंसल्टेंट के रूप में सक्रिय था।

सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। जांच में यह भी सामने आया है कि सीकर के एक छात्र, जो वर्तमान में केरल से एमबीबीएस कर रहा है, ने सबसे पहले यह पेपर अपने दोस्तों को भेजा था। इसके बाद यह हॉस्टल संचालकों और कोचिंग फैकल्टी तक पहुंच गया। पेपर लीक की आशंका पर एक शिक्षक ने ही एनटीए को शिकायत दी थी, जिसके बाद जांच का पहिया घूमा। पुलिस ने नासिक से आरोपी शुभम खैरनार को भी तकनीकी इंटेलिजेंस के आधार पर दबोच लिया है।

प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के चलते नीट-यूजी 2026 को रद्द करने की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि फिर से परीक्षा का कार्यक्रम ‘‘अगले सात से दस दिन’’ के भीतर घोषित किया जाएगा।

एनटीए ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।

सिंह ने कहा, ‘‘फिर से परीक्षा की तारीख के लिए, मैं अपनी टीम के साथ बैठक करूंगा और अगले कुछ दिनों में परीक्षा का पूरा कार्यक्रम और तारीखें घोषित करूंगा। हमारा प्रयास रहेगा कि परीक्षा जल्द आयोजित की जाए ताकि मेडिकल कॉलेजों के शैक्षणिक कार्यक्रम और प्रवेश कार्यक्रम में कोई बाधा न आए। यह प्रक्रिया अगले सात से दस दिन के भीतर शुरू हो जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले से भुगतान की गई फीस वापस कर दी जाएगी।

इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट-यूजी) 2026 रद्द होने के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

प्रश्न पत्र लीक होने को ‘‘दुखद’’ बताते हुए सिंह ने कहा, ‘‘प्रश्न पत्र लीक होना तुरंत रूकना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम इस स्थिति में पहुंच गए हैं। यह हमारे देश के बच्चों, उनके माता-पिता और संपूर्ण प्रणाली के लिए चिंता का विषय है। मुझे पता है कि परीक्षा प्रक्रिया में दो लाख से अधिक लोग शामिल थे।’’

विपक्षी दलों ने अनियमितताओं के आरोपों के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तथाकथित अमृतकाल असल में ‘विषकाल’ है, जिसमें युवाओं के भविष्य की चोरी की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर कई बार गंभीर प्रश्नचिन्ह लग चुके हैं और ऐसे में उसके पूरे तंत्र में व्यापक परिवर्तन की जरूरत है।

एनटीए ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।

एनटीए ने कहा कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जायेगी।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला- पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।’’

उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।

कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने नीट-यूजी 2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मंगलवार को जांच कराने की मांग की। पार्टी ने इसे 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित करने वाला एक ‘‘बेहद गंभीर मसला’’ करार दिया।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि शीर्ष अदालत बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के पीछे के कथित नेटवर्क को उजागर करे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकाल में खूब सक्रिय हो रहा है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) परीक्षा रद्द होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि पेपर लीक की बार-बार हो रही घटनाओं से लाखों छात्र और उनके परिजन नाराज हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दोबारा होने वाली परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने लिखा, “क्या गारंटी है कि परीक्षा दोबारा करवाने पर प्रश्नपत्र लीक नहीं होगा। इस समाचार से लाखों बच्चों और परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुद्ध बेहद आक्रोश और हताशा है।”

सपा प्रमुख ने पोस्ट में कहा, “जब तक भाजपा सरकार रहेगी, परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!”

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