औरंगाबाद: UGC के समर्थन में ओबीसी व एससी-एसटी ने निकाली रैली, नारों से गूंजा शहर

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औरंगाबाद: यूजीसी एक्ट लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को शहर में ओबीसी, एससी-एसटी समाज के लोगों ने संयुक्त रूप से पैदल मार्च निकाल. मार्च का आयोजन मौर्य आर्मी संगठन एवं भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की. पैदल मार्च की शुरुआत गांधी मैदान से हुई. यहां सुबह से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक जुटने लगे थे. हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोग यूजीसी एक्ट लागू करो, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद और हम क्या चाहते- आजादी जैसे नारों के साथ आगे बढ़े. गांधी मैदान से निकलकर जुलूस मुख्य बाजार, होते हुए रमेश चौक पहुंचा. पूरे मार्ग में मार्च के दौरान शहर का माहौल नारों से गूंजता रहा.
कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस का समर्थन भी किया. रमेश चौक पहुंचकर सभा का आयोजन किया गया, जहां वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट को लेकर अपनी बात रखी. कार्यक्रम की अध्यक्षता मौर्य आर्मी के संयोजक विकास मेहता और संचालन भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष करण पासवान ने किया. सभा को संबोधित करते हुए विकास मेहता ने कहा कि यूजीसी एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करना समय की मांग है. इससे सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा में समान अवसर मिल सकेगा और शैक्षणिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक पहल करनी चाहिए. करण पासवान ने कहा कि ओबीसी, और एससी-एसटी समाज शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का हक चाहता है. उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा में समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा रहेगा. उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की. मार्च में शामिल अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रवृत्ति की व्यवस्था सुदृढ़ करने और आरक्षण संबंधी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई.
वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और शैक्षणिक समानता की लड़ाई है. जुलूस के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे. मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और अंत में आयोजकों ने आगे भी अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी.
कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों से आए प्रतिनिधियों के अलावा युवाओं और छात्र-छात्राओं की भी सक्रिय भागीदारी रही. आयोजकों ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी दिनों में जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा. इस दौरान सम्राट राहुल मौर्य, श्रवण मेहता, संजीव कुशवाहा, मोहन राम, दिगंबर भुइयां, रोहित कुमार, निशार अहमद, करण भुइयां, अतुल कुशवाहा, अरुण मौर्य सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.










