सुपौल में हाईवे से 20 फीट नीचे गिरी पटना-जोगबनी बस, चहुंओर मच गई चीख-पुकार

सुपौल : नेशनल हाईवे 27 पर सोमवार को एक बड़ा हादसा हाे गया इस हादसे के बाद चहुंओर चीख-पुकार मच गई. सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है, वहीं दुर्घटना के बाद बस के भीतर अफरा-तफरी मच गई और यात्री जोर-जोर से चिल्लाने लगे. दरअसल आपको बता दें कि पटना से जोगबनी जा रही यात्री बस चिकनी गांव के पास करीब 3 बजे अनियंत्रित होकर हाईवे से लगभग 20 फीट नीचे गड्ढे में जा गिरी.

बस में सवार 70 से अधिक यात्री बाल-बाल बच गए. हालांकि इस दुर्घटना में आधा दर्जन से अधिक महिलाओं को हल्की चोटें आई हैं. सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कराया गया और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस पटना से जोगबनी की ओर जा रही थी.

चिकनी गांव के समीप चालक को नींद आ जाने के कारण बस असंतुलित हो गई और सड़क किनारे नीचे जा गिरी. गनीमत यह रही कि बस पास में मौजूद 11 हजार वोल्ट के बिजली खंभे से नहीं टकराई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. दुर्घटना के बाद बस के भीतर अफरा-तफरी मच गई और यात्री जोर-जोर से चिल्लाने लगे.

यात्रियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. बस का अगला शीशा तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया. सूचना मिलते ही भपटियाही थाना की गश्ती पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस की देखरेख में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. थाना से मिली जानकारी के अनुसार, घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर भेज दिया गया.

इस दुर्घटना में चालक सहित अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन बस को काफी क्षति पहुंची है. स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में अक्सर एक ही चालक रहता है. लगातार कई घंटों तक वाहन चलाने के कारण चालक को थकान और नींद आने लगती है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं. जानकारों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों में कम से कम दो चालकों की व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि एक चालक के थकने पर दूसरा वाहन संभाल सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

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