वैश्विक संकट पर PM मोदी की बड़ी अपील, CM साय बोले-देशहित में बदलनी होगी आदतें

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध, बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच देशवासियों से ईंधन बचाने और अगले एक वर्ष तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में विदेशी मुद्रा की बचत और संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।
CM साय बोले—PM ने देशहित में दी अच्छी सलाह
प्रधानमंत्री की इस अपील पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और कोई भी देश इससे अछूता नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशहित में अच्छी सलाह दी है और हर नागरिक को यह प्रयास करना चाहिए कि देश का पैसा विदेशों में कम जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सोने की खरीदारी सीमित करने और पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने जैसे कदम मौजूदा हालात में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मददगार साबित हो सकते हैं।
राहुल गांधी के बयान पर सियासी पलटवार
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उपदेश नहीं बल्कि सरकार की नाकामी का प्रमाण है। इस पर मुख्यमंत्री साय ने पलटवार करते हुए कहा कि इसे नाकामी कहना उचित नहीं है। अगर विपक्ष के पास बेहतर समाधान है तो उसे देश के सामने रखना चाहिए।
तेलंगाना की जनसभा में PM मोदी ने रखी चिंता
प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया इस समय गंभीर आर्थिक और सप्लाई चेन संकट से गुजर रही है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और Russo-Ukrainian War के कारण वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर दिखाई दे रहा है।
‘एक साल तक सोना न खरीदें’—PM मोदी की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचें। हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर विशेष ध्यान देना होगा।” उन्होंने कहा कि जैसे कोरोना काल में देश ने नई कार्यशैली अपनाई थी, वैसे ही मौजूदा हालात में भी व्यवहारिक बदलाव जरूरी हैं।
ईंधन बचत को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती तेल कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल का जरूरत के मुताबिक ही उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक ईंधन खर्च से बचना अब केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।











