ईरान में फंसे करीब 9000 भारतीयों को निकालने की तैयारी, सरकार ने बताया वतन वापसी का रास्ता

मध्य पूर्व में जारी तनाव और संघर्ष के बीच ईरान में अभी भी करीब 9000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि सरकार इन नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें पड़ोसी देशों के रास्ते बाहर निकलने में मदद दी जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के संपर्क में है और जो लोग वहां से निकलना चाहते हैं, उन्हें जमीनी रास्ते से अजरबैजान और आर्मेनिया जाने में सहायता दी जा रही है। वहां से भारतीय नागरिक वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत लौट सकते हैं। सरकार इन लोगों को वीजा संबंधी सहायता और सीमा पार करने में भी मदद कर रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में मौजूद भारतीयों में बड़ी संख्या छात्रों, नाविकों, व्यापारियों और कुछ तीर्थयात्रियों की है। कई भारतीय नागरिकों ने देश लौटने की इच्छा जताई है और भारतीय दूतावास उनकी मदद कर रहा है।
उन्होंने बताया कि तेहरान में रहने वाले कई छात्रों और तीर्थयात्रियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों और अन्य शहरों में भेजा जा चुका है। भारतीय अधिकारियों ने कई नागरिकों को जमीनी सीमा पार कराने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में भी सहायता की है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि जो भारतीय नागरिक जमीनी रास्तों से ईरान छोड़ने की योजना बना रहे हैं, वे भारतीय दूतावास की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में कई बार बातचीत हुई है। दोनों नेताओं के बीच समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है और भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री क्षेत्र के कई देशों के नेताओं के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।











