पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर पुतिन की चिंता, 24 साल बाद सार्वजनिक हुई बुश-पुतिन बातचीत

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पाकिस्तान को लेकर दिया गया एक अहम बयान 24 साल बाद सामने आया है। यह बयान उस समय का है जब वर्ष 2001 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और व्लादिमीर पुतिन के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई थी। अब इस बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट सार्वजनिक किया गया है, जिसमें पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और परमाणु हथियारों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी।
इस बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा था कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं है और वहां सैन्य अधिकारियों का प्रभाव है। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है और उसके पास मौजूद परमाणु हथियार पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकते हैं। पुतिन ने यह चिंता भी जताई थी कि इसके बावजूद पश्चिमी देश पाकिस्तान की खुलकर आलोचना नहीं करते।
ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा 16 जून 2001 को हुई मुलाकात के दौरान हुई थी। बातचीत में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि पाकिस्तान ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों को सहयोग दे रहा है। पुतिन ने कहा था कि ईरान को यूरेनियम पाकिस्तान से मिल रहा है, जिस पर बुश ने भी सहमति जताई थी।
बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई थी। दोनों नेताओं ने माना था कि यदि ईरान परमाणु हथियार विकसित करता है तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इस संदर्भ में संभावित सैन्य कार्रवाई जैसे विकल्पों पर भी विचार किया गया था।
ट्रांसक्रिप्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर पाकिस्तान की भूमिका और उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दस्तावेज उस दौर की वैश्विक चिंताओं और महाशक्तियों के दृष्टिकोण को समझने के लिए अहम माना जा रहा है।









