औरंगाबाद : मदरसा इस्लामिया मैदान में गूंजा ‘कुबूल है’, 10 जोड़ों ने थामा हाथ

औरंगाबाद: रविवार को मदरसा इस्लामिया मैदान में इस्लामी बढ़ते कदम की ओर से 10 जोड़े का निकाह कराया गया. इस सामूहिक निकाह में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के जोड़ों का निकाह कराया गया. सामूहिक निकाह के दौरान नव वर वधू को कमेटी की ओर से जरूरत का सामान गिफ्ट के रूप में दिया गया.

इस अवसर पर मौलाना ने सभी जोड़े को निकाह पढ़ाया. इस मौके पर लोगों ने वर-वधुओं को शुभकामनाएं दिया. ओबरा विधायक प्रकाश चंद्र ने बताया कि इस्लामी बढ़ते कदम के सदस्यों द्वारा सामूहिक निकाह का आयोजन किया गया जिसमें 10 जोड़े एक-दूजे के हुए. उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि दहेज प्रथा खत्म हो.

कमेटी की ओर से यह सराहनीय प्रयास है. बेटी के जन्म लेने के बाद से ही वर्तमान समय में बेटी की शादी में दहेज के लिए लड़की के माता पिता परेशान होने लगते हैं, ऐसे में संस्था का यह प्रयास सराहनीय है. कमेटी की ओर से पहले दोनों परिवारों के सदस्यों से इसके लिए बातचीत की जाती है, फिर तैयार हो जाने के बाद जोड़ों का निकाह कराया जाता है.

और कमेटी की ओर से ही जरूरत की समान गिफ्ट के तौर पर दिया जाता है. नगर परिषद के चेयरमैन उदय गुप्ता, रेडक्रास चेयरमैन सतीश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में आपसी सद्भाव बढ़ता है. सामूहिक निकाह में शामिल वर-वधु का नाम गोपनीय रखा गया. सैयर मो. दायम ने बताया कि गरीब बच्चियों का सामूहिक निकाह 13 वर्षों से कराया जा रहा है..

शादी के सभी खर्चे संस्था के द्वारा वहन किया जा रहा है. प्रबंधक निदेशक मो. अतहर हुसैन मंटू ने बताया कि पहली बार सामूहिक निकाह 2012 में आयोजित किया गया था. निकाह संपन्न होने के बाद दुल्हन को अपने साथ दूल्हा अपने घर लेकर गये. इस अवसर पर विवेकानंद स्कूल के संचालक डॉ शंभू शरण सिंह, जहिर अहसन आजाद सहित अन्य मौजूद रहे.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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