लव ट्रैप विवाद में कारोबारी दीपक टंडन की संपत्ति पर सवाल, ठगी के पुराने मामलों का खुलासा

डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़े लव ट्रैप विवाद के बीच कारोबारी दीपक उर्फ अंबेडकर टंडन को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। कभी कोरबा में छोटी सी फोटो फ्रेमिंग की दुकान चलाने वाला दीपक कुछ ही वर्षों में करोड़पति बन गया। अब उसके खिलाफ ठगी से जुड़े पुराने मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें एक प्रकरण में गिरफ्तारी वारंट तक जारी हो चुका है।
जानकारी के अनुसार दीपक टंडन पर रायपुर की डीएसपी कल्पना वर्मा को लव ट्रैप में फंसाकर ढाई करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में टंडन ने सोशल मीडिया पर कुछ कथित चैट, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज साझा किए हैं। विवाद सामने आने के बाद उसकी आर्थिक गतिविधियों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड पर भी नजर डाली जा रही है।
कोरबा के आदिले मोहल्ला निवासी दीपक टंडन के खिलाफ 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक पुराना मामला दर्ज है। आरोप है कि उसने वर्ष 2015 में कोल कारोबारी से रिजेक्ट कोयला आपूर्ति का सौदा कर रकम ली, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं की। बाद में दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। इस मामले में वर्ष 2020 में अपराध दर्ज हुआ और न्यायालय में उपस्थित न होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
इसके अलावा रायपुर के सिविल लाइन थाने में भी उसके खिलाफ ठगी का मामला दर्ज है। आरोप है कि नगर निगम की राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के नाम पर उसने कई लोगों से रुपये लिए। एक पीड़ित ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
सक्ती जिले के एक कोयला कारोबारी ने भी दीपक टंडन पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कारोबारी का कहना है कि टेंडर दिलाने के नाम पर उससे रकम ली गई और बदले में दिए गए चेक का कोई लाभ नहीं मिला। इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है।
बताया जाता है कि वर्ष 2012 तक दीपक टंडन कोरबा में फोटो फ्रेमिंग का काम करता था। बाद में वह रायपुर चला गया और वहां बड़े कारोबारी के रूप में उभरा। रायपुर में उसका एक होटल बताया जा रहा है, जिसकी लागत करोड़ों रुपये है। इसके अलावा कई संपत्तियां और आलीशान जीवनशैली भी चर्चा में है।
दीपक टंडन की पृष्ठभूमि भी विवादों से जुड़ी रही है। उस पर पहले दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज हो चुका है, जिसमें उसे जेल भी जाना पड़ा था। मौजूदा विवाद के बीच अब उसकी आय, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की मांग तेज हो गई है।









