रायपुर नगर निगम सभापति का फोन हैक, परिचितों से ठगी की कोशिश, साइबर सेल में शिकायत के बाद फोन हुआ दुरुस्त

रायपुर : रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर का मोबाइल नंबर हैक होने का मामला सामने आया है. नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर के मुताबिक 2 घंटे के लिए उनका मोबाइल फोन हैक हो गया था. जिसकी जानकारी साइबर और गंज थाने को दी गई. इसके बाद उनका मोबाइल फिर से सामान्य रूप से शुरू हुआ. मोबाइल फोन हैक होने के बाद सभापति के नंबर से संदिग्ध कॉल और मैसेज भेजे जाने की सूचना मिली है. आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान हैकर ने नंबर का इस्तेमाल करके परिचित और अधिकारियों के साथ ही आम लोगों से पैसे की मांग की है. सभापति सूर्यकांत राठौर ने लोगों को सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से आग्रह किया है कि उनके नंबर से आए मैसेज को इग्नोर करें.
कोरियर का नंबर बताकर फोन किया हैक
नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर के मोबाइल हैक होने को लेकर ईटीवी भारत ने सूर्यकांत राठौर से बात की. उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर को उनके पास एक फोन आया था.घर में कथा का आयोजन होना है,इसलिए कोरियर और पार्सल घर पर आ रहा है. एक नंबर से फोन आया जिसमें लिखा था ब्लू डॉट कोरियर कोलकाता. उसने कहा कि कोरियर आपके घर के पास पहुंच गया है और आपका एड्रेस नहीं मिल रहा है. इसके बाद हैकर ने एक नंबर टेक्स्ट मैसेज किया. उस नंबर पर बात करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा.
सोशल मीडिया के जरिए पैसे ना देने की अपील
सभापति सूर्यकांत राठौर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने मोबाइल नंबर हैक होने की जानकारी सार्वजनिक रूप से लोगों को दी थी. उन्होंने लोगों से अपील किया था कि उस नंबर से आने वाले किसी भी कॉल मैसेज या भुगतान संबंधी मांग पर भरोसा ना करें. किसी भी तरह का लेनदेन ना करें. इसके साथ ही संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर सतर्क रहें
संसद में भी उठ चुका है मामला
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कुछ दिन पहले लोकसभा में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को खासकर डिजिटल अरेस्ट के ट्रेंड को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था. उन्होंने कहा था कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों पर जीवन भर की कमाई कुछ ही मिनट में लूट ली जा रही है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन ठग खुद को पुलिस अफसर बताकर वीडियो कॉल करते हैं, वर्दी में दिखाई देते हैं. कानूनी कार्यवाही का डर दिखाकर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं.
छत्तीसगढ़ में 32 करोड़ की ठगी
कई मामलों में ठग लोगों को मानसिक दबाव डालकर लगातार कॉल पर बनाए रखते हैं. साइबर ठगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग की. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले 3 सालों में डिजिटल अरेस्ट की आड़ में लगभग 40 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. जिसमें करीब 32 करोड़ रुपए की ठगी हुई है. उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी का कॉल या वीडियो कॉल आने की सूचना तुरंत पुलिस और साइबर सेल को देने की अपील लोगों से की है.









