‘अरावली बचाओ, जीवन बचाओ…’ डूंगरपुर में कांग्रेस का विशाल पैदल मार्च, केंद्र सरकार के फैसले का जमकर विरोध

डूंगरपुर: अरावली संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को शहर में “अरावली बचाओ, जीवन बचाओ” के नारे के साथ विशाल पैदल मार्च निकाला. डूंगरपुर विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा के नेतृत्व में नया बस स्टैंड से शुरू हुए इस जन-आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए.
जन जागरण यात्रा का नेतृत्व जिलाध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा ने किया, जबकि पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व विधायक सुरेंद्र बामनिया, विधायक प्रत्याक्षी सागवाड़ा कैलाश रोत, विधायक प्रत्याक्षी आसपुर राकेश रोत, नरेंद्र खोड़निया सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे. जन जागरण यात्रा शहर के मुख्य मार्गों नया बस स्टैंड, कॉलेज रोड, पुराना बस स्टैंड और तहसील चौराहा होते हुए कलेक्ट्री तक पहुँची.
रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर नारेबाजी की और अरावली पर्वतमाला को बचाने का संदेश दिया. कलेक्ट्री परिसर के बाहर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया. सभा को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोघरा ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को “अनुचित” बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट ने “जमीनी हकीकत समझे बिना” 100 मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों को काटने की अनुमति दे दी, जो उनके अनुसार भाजपा सरकार के दबाव में लिया गया निर्णय है.
घोघरा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी. घोघरा ने कहा कि अरावली राजस्थान की पहचान और जीवनदायिनी संरचना है. यदि पहाड़ियों की कटाई जारी रही, तो जंगल, जैव विविधता और जलवायु पर गंभीर असर पड़ेगा, जिससे पूरे प्रदेश में पर्यावरणीय संकट गहरा सकता है. उन्होंने प्रदेश सरकार और सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप कर अरावली संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
नेताओं का कहना था कि यह पैदल मार्च न केवल विरोध का प्रतीक है, बल्कि लोगों को अरावली के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अभियान भी है. मार्च के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कांग्रेस ने साफ किया कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है. कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अरावली क्षेत्र में खनन और कटान पर सख्त कार्रवाई, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और पर्यावरणीय नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में जनजागरण कार्यक्रम और आंदोलन और अधिक व्यापक स्तर पर चलाए जाएंगे, ताकि अरावली संरक्षण को लेकर ठोस नीति सुनिश्चित की जा सके.











