नाथीदेवी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा: गहनों के लालच में बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नागौर: जिले के पादूकलां थाना क्षेत्र के पचरंडा जंगल में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला नाथी देवी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस सनसनीखेज वारदात में पालड़ी कलां निवासी 38 वर्षीय मुकेश भारती को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, हत्या में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है.

एसपी रोशन मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 16 मार्च 2026 को पचरंडा गांव के जंगल में एक कट्टे में बंद महिला का शव मिला था, जिसका सिर और दोनों पैर कटे हुए थे. सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एमओबी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई. मृतका की पहचान पालड़ी कलां निवासी नाथी देवी के रूप में हुई, जो एक दिन पहले घर से निकली थीं और वापस नहीं लौटी थीं.

घटना स्थल सुनसान होने के कारण शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला. इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया. पुलिस ने ड्रोन, डॉग स्क्वायड और तकनीकी संसाधनों की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान जंगल के तीन कच्चे रास्तों पर लगातार तलाशी अभियान चलाकर मृतका के शरीर के अंग अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए- करीब 2 किलोमीटर दूरी पर दोनों पैर और लगभग 5 किलोमीटर दूर सिर मिला.

जांच के दौरान मृतका की चप्पल गांव के पास मिलने से पुलिस का शक स्थानीय लोगों पर गया. इसके बाद गांव के बाड़ों और खेतों में व्यापक तलाशी ली गई. रामा के बाड़े में खून के निशान मिलने पर एफएसएल जांच कराई गई, जिसमें यही हत्या का मुख्य स्थल होना सामने आया.


एसपी रोशन मीणा ने बताया कि पुलिस टीमों के बेहतर सामंजस्य, फील्ड इंटेलिजेंस, तकनीकी विश्लेषण और लगातार मेहनत से यह ब्लाइंड मर्डर सुलझाया गया. पुलिस ने 300 से अधिक मोबाइल नंबरों की सीडीआर, टावर डम्प और करीब 8000 मोबाइल मूवमेंट का विश्लेषण किया, साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए.

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मुकेश भारती ने अपनी पत्नी माया और भांजे चंदनपुरी के साथ मिलकर सोने-चांदी के आभूषण लूटने के उद्देश्य से इस वारदात की साजिश रची थी. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कट्टे में डालकर जंगल में फेंका गया और पहचान छुपाने के लिए सिर व पैरों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया. एसपी ने कहा कि इस जघन्य वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा.

इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी, प्रवेन्द्र महला और नूर मोहम्मद के साथ वृत्ताधिकारी जयप्रकाश, रामकरण मलिण्डा और सतीश मीणा के सुपरविजन में थानाधिकारी पादूकलां उमा शंकर, थानाधिकारी मूंडवा सुरेश चौधरी, थानाधिकारी थांवला अशोक चौधरी, थानाधिकारी कुचेरा हबीब खां, थानाधिकारी डेगाना हरीश सांखला, थानाधिकारी भावण्डा मानवेन्द्र सिंह, डीएसटी प्रभारी विजय सिंह और उपनिरीक्षक मुकेशचंद सहित पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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