इंदौर में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती, अब OTP से ही होगी डिलीवरी

इंदौर में गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब ओटीपी के जरिए ही की जाएगी। इसके साथ ही घरेलू गैस की सप्लाई और भंडारण पर निगरानी रखने के लिए विशेष जांच टीमें भी गठित की गई हैं।
प्रशासन के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों ने पहले ही ओटीपी आधारित डिलीवरी व्यवस्था लागू कर दी थी, लेकिन अब इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पोर्टल पर सर्वर की समस्या और अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है। इसको लेकर एजेंसी संचालकों ने प्रशासन से कुछ समय के लिए व्यवस्था में ढील देने की मांग भी की है।
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और गैस सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है। इसके चलते घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई थी, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने तीन अलग-अलग जांच टीमें मैदान में उतारी हैं। ये टीमें शहर में गैस की डिलीवरी, भंडारण और उपयोग पर नजर रख रही हैं।
प्रशासन ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी व्यावसायिक गैस सिलेंडर के स्थान पर वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। कई जगहों पर पाइपलाइन के जरिए पीएनजी गैस की सप्लाई की व्यवस्था की जा रही है। वहीं कुछ संस्थानों ने इंडक्शन और डीजल भट्टी का उपयोग शुरू कर दिया है।
प्रशासन का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद डिलीवरी में होने वाले बैकलॉग को जल्द खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को बुकिंग के दो से तीन दिन के भीतर सिलेंडर मिल सके। हालांकि ओटीपी की अनिवार्यता के कारण डिलीवरी कर्मचारियों को कई बार उपभोक्ता से ओटीपी मिलने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे एक दिन में सीमित संख्या में ही सिलेंडर की डिलीवरी हो पा रही है।











