बिलासपुर में ट्रक ड्राइवर का मर्डर कर जलाया शव, ‘पाप’ धोने प्रयागराज गए… शराब पीते ही कातिलों ने उगल दिया सच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 7 नवंबर को होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में अधजली हालत में मिले शव की पहचान उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी 26 वर्षीय गोपाल कोल के रूप में हुई है. गोपाल ट्रक ड्राइवर था. वहीं, पुलिस ने दो आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है.
कूड़े के ढेर में जलाया शव
हत्या छुपाने के लिए दोनों ने बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया. आरोपी शव को कूड़े के ढेर में ले गए और उसे जला दिया. इतना ही नहीं, उनके खुद के खून से सने कपड़े भी उसी जगह आग के हवाले कर दिए.
हादसे के बाद आरोपी अरुण बुरी तरह घबरा गया और कुछ दिनों के लिए प्रयागराज चला गया, जहां उसने पाप धोने के लिए गंगा में स्नान किया और मुंडन भी कराया. उसका साथी धनेश बिलासपुर में ही रहा. अरुण के वापस लौटने के बाद दोनों दोबारा साथ घूमने-फिरने लगे. इसी दौरान नशे की हालत में एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों के सामने हत्या की बात कबूल कर ली. यह जानकारी पुलिस तक पहुंची और मुखबिरों को सक्रिय किया गया.
पुलिस ने कैसे आरोपियों को दबोचा?
पुलिस ने सरकंडा और सिविल लाइन थाने के तीन आरक्षकों को शराबियों के भेष में दुकान के आसपास रेकी करने भेजा. लगातार निगरानी के बाद पुलिस को दोनों के बारे में सुराग मिले. इसके आधार पर तिफरा अभिलाषा परिसर से अरुण को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया. बाद में धनेश लोधी को भी यतायात नगर से दबोच लिया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी सनकी और अपराधी प्रवृत्ति के हैं. हत्या के बाद के चार दिनों में उन्होंने मन्नाडोल में खड़ी एक मेटाडोर को आग लगाने और एक वकील के घर में चोरी जैसे अपराध भी किए. पुलिस ने अब तक 4050 लोगों के बयान दर्ज किए हैं और आरोपियों के विरुद्ध कई मामलों में कार्रवाई जारी है.









