छुट्टियों के साथ मैराथन का जुनून, तेजी से बढ़ रहा ‘रनकेशन’ का ट्रेंड

आजकल लोग छुट्टियों को सिर्फ आराम और घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहते। ट्रैवल के साथ फिटनेस और नए अनुभवों को जोड़ने का चलन भी बढ़ रहा है। इसी बदलते ट्रेंड के बीच ‘रनकेशन’ तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रनकेशन शब्द रनिंग और वेकेशन से मिलकर बना है, जिसमें लोग किसी खास मैराथन में हिस्सा लेने के लिए अपनी पूरी यात्रा की योजना बनाते हैं।
क्या होता है रनकेशन
रनकेशन में किसी शहर या देश की यात्रा का मुख्य उद्देश्य वहां आयोजित होने वाली मैराथन में हिस्सा लेना होता है। यात्री रेस की तारीख के अनुसार अपनी फ्लाइट, होटल, खान-पान, आराम और घूमने की योजना तैयार करते हैं। इस तरह मैराथन यात्रा का अहम हिस्सा बन जाती है और रेस पूरी करने के साथ घूमने का अनुभव भी मिलता है।
युवाओं में बढ़ रहा ट्रेंड
जानकारों के मुताबिक फिटनेस, कम्युनिटी और व्यक्तिगत उपलब्धियों को लेकर बढ़ती रुचि के कारण खासकर युवा यात्री इस तरह की यात्राओं को पसंद कर रहे हैं। मैराथन डेस्टिनेशन के लिए एडवांस बुकिंग में 5 से 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी का दावा किया गया है। रनकेशन की खासियत यह है कि पूरी यात्रा को धावक की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकता है। इसमें रेस से पहले तैयारी, रिकवरी, खान-पान और स्थानीय जगहों पर घूमने का समय शामिल किया जाता है।
टोक्यो से सिडनी तक पसंदीदा डेस्टिनेशन
टोक्यो, बर्लिन, लंदन, न्यूयॉर्क और सिडनी जैसे शहर रनकेशन के लिए पसंद किए जा रहे हैं। इन शहरों में मैराथन के साथ स्थानीय संस्कृति और पर्यटन का अनुभव भी लिया जा सकता है। भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी फ्लाइट कनेक्टिविटी और कम यात्रा समय वाले स्थान अधिक सुविधाजनक माने जा रहे हैं। रेस से जुड़ी सर्च में थाईलैंड की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत बताई गई है, जबकि इसके बाद वियतनाम और सिंगापुर जैसे देश भी लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हैं। इसके अलावा कई यात्री मैराथन के साथ दूसरी गतिविधियों और स्थानीय अनुभवों की भी योजना बना रहे हैं।











