उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी टूट की तैयारी? नितिन नबीन से मिले RLM के ये 3 विधायक

बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में ऐसा लग रहा है कि सब कुछ ठीक नहीं है. कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिससे टूट के संकेत दिख रहे हैं. इसको लेकर सियासी गलियारे में अटकलों का दौर शुरू हो गया है. बीते बुधवार (24 दिसंबर, 2025) की रात पटना में उपेंद्र कुशवाहा की ओर से आयोजित लिट्टी चोखा भोज में पार्टी के तीन विधायक शामिल नहीं हुए. ये तीनों बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी नितिन नबीन से मिलने पहुंच गए.
नितिन नबीन से कौन-कौन विधायक मिला?
मुलाकात करने वालों में विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो हैं. मुलाकात की तस्वीर को रामेश्वर महतो ने बुधवार को ही अपने एक्स हैंडल से भी शेयर किया है. जो तस्वीर सामने आई है उसमें नितिन नबीन के दाहिने में रामेश्वर महतो हैं तो वहीं बाएं में माधव आनंद और पीछे में आलोक सिंह दिख रहे हैं. लिट्टी-चोखा भोज में तीनों विधायकों का शामिल न होना पार्टी के अंदर असहज स्थिति को इशारा कर रहा है.
रामेश्वर महतो ने मुलाकात वाली तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है, “आज भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नबीन जी से उनके पदभार ग्रहण के उपरांत औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर मधुबनी विधानसभा के माननीय विधायक श्री माधव आनंद जी, दिनारा विधानसभा से माननीय विधायक श्री आलोक सिंह जी भी उपस्थित रहे. हम सभी ने उनके नए दायित्व के सफल एवं प्रभावी निर्वहन हेतु शुभेच्छाएं व्यक्त कीं.”
आज भारतीय जनता पार्टी ( @BJP4India ) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री @NitinNabin जी से उनके पदभार ग्रहण के उपरांत औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर मधुबनी विधानसभा के माननीय विधायक श्री @MAnandOfficial… pic.twitter.com/rex352LrYk— Rameshwar kumar Mehto (@Rameshwar_Mehto) December 24, 2025
क्या पार्टी से नाराज चल रहे ये तीनों विधायक?
सूत्रों के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को जब से मंत्री बनाया है तब से नाराजगी की खबरें पार्टी के अंदर से निकलकर आ रही हैं. दीपक प्रकाश ना तो एमएलसी हैं और ना ही उन्होंने विधानसभा का चुनाव लड़ा है, जबकि विधायकों की इच्छा थी कि इनमें से किसी को मंत्री बनाया जाए. इसको लेकर विधायकों में नाराजगी की बात सामने आ रही है. अब देखना होगा कि ये सामान्य मुलाकात है या फिर आने वाले दिनों में कुछ और बड़ा होने वाला है.









