छत्तीसगढ़: कुरुद का यह लाल छोटे पर्दे पर मचा रहा है धमाल; स्टार प्लस के इस धारावाहिक में निभा रहा है महत्वपूर्ण किरदार

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कुरुद: कहते है कि मेहनत और लगन मुकाम दिलाने में मददगार साबित होते हैं. जो अक्षरसः सच साबित होते दिखाई दे रही है. कुरूद नगर के युवा कलाकार प्रियांशु सोनी ने टेलीविजन जगत में एक मजबूत कदम रखा है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है. स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक ‘झनक’ में प्रियांशु अपनी प्रभावी भूमिका और सहज अभिनय से छोटे पर्दे पर धमाल मचा रहा है.
प्रियांशु सोनी धारावाहिक ‘झनक’ में एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक रूप से जटिल किरदार निभा रहे हैं. यह धारावाहिक संघर्ष, सपनों और सामाजिक चुनौतियों की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें प्रियांशु का पात्र कहानी में एक नई ऊर्जा और भावनात्मक मजबूती का संचार कर रहा है. प्रियांशु की सफलता की खबर मिलते ही कुरूद, धमतरी और पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई है. प्रियांशु के परिजन और क्षेत्रवासी इस बात पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.
उनका कहना है कि उन्हें हमेशा से विश्वास था कि एक दिन अपनी एक अलग और बड़ी पहचान बनाएगा।क्षेत्रवासियों की कामना है कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के अन्य प्रतिभाशाली कलाकारों के लिए भी दिशा और प्रोत्साहन का स्रोत बने.
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22 साल की उम्र में तय किया बड़ा मुकाम:
प्रियांशु के पिता ऋषि सोनी ने बताया कि उनमे बचपन से ही कलाकार परिलक्षित होते दिखाई दिए थे 12 वीं तक की पढ़ाई कुरुद में करने के दौरान स्कूल में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वे भाग लेते रहे है। रायपुर के दिशा कॉलेज में बीबीए करने के बाद 8 माह पुणे में पर्सनालिटी डेवलपमेंट का कोर्स किया. जिसके बाद वे मुंबई चले गए जहां वे असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में तीन महीने काम किये उनके कार्य और उनके अंदर छिपे कलाकार से प्रभावित होकर स्टार प्लस के झनक धारावाहिक के डायरेक्टर ने उन्हें बड़ा किरदार निभाने का अवसर दे दिया। महज 22 साल की उम्र में ही उनके बेटे को यह मुकाम मिलने पर वे सभी प्रफुल्लित है.

छोटे शहर से निकलकर मायानगरी में बनाई जगह:
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं केवल लोक कला के मंच तक सीमित नहीं हैं, वे देश के सबसे बड़े मनोरंजन मंचों पर भी अपनी चमक बिखेर रही हैं. प्रियांशु के लिए कुरूद जैसे शांत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध छोटे शहर से निकलकर मुंबई की विशाल और प्रतिस्पर्धी मायानगरी में अपनी जगह बनाना एक बड़ी चुनौती है.
उन्होंने दृढ़ संकल्प, अथक मेहनत और अपनी प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के उन तमाम युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो बड़े सपने देखते हैं- मंच कहीं भी हो, आपकी पहचान केवल आपकी मेहनत और प्रतिभा ही तय करती है.











