राजस्थान: पुलिस गाड़ी की टक्कर से टोलकर्मी गंभीर घायल, 22 दिन बाद FIR; अब उठ रहे सवाल

डीडवाना-कुचामन: जिले में पुलिस की गाड़ी से टोलकर्मी को टक्कर मारने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हादसे के बाद मदद का भरोसा देने वाले अब पीछे हट गए हैं, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बीती रात ग्रामीणों ने देवराठी टोल प्लाजा पर धरना देकर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा 7 मार्च को डीडवाना से सालासर जाने वाले हाईवे पर स्थित देवराठी टोल प्लाजा पर हुआ। यहां देवराठी गांव निवासी टोलकर्मी भगवान पुरी को डीडवाना पुलिस थाने की गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी उन्हें कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भगवान पुरी गाड़ी के ऊपर उछलते हुए नजर आ रहे हैं।

आरोप है कि हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और टोल कंपनी ने इलाज व आर्थिक मदद का भरोसा देकर मामला दबाने की कोशिश की और इसी कारण FIR दर्ज नहीं होने दी गई। लेकिन अब दोनों ही अपने वादों से मुकर गए हैं।
घायल भगवान पुरी का जयपुर के एक अस्पताल में ICU में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन्हें विरोध प्रदर्शन तक नहीं करने दे रही।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर मामले में FIR दर्ज करने में 22 दिन क्यों लगे? बढ़ते दबाव के बाद दर्ज की गई FIR भी अज्ञात चालक के नाम से की गई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब हादसे में पुलिस खुद शामिल हो, तो निष्पक्ष कार्रवाई कौन सुनिश्चित करेगा?
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर दबा दिया जाएगा?









