UP पुलिस पर बड़ा दाग: सिद्धार्थनगर में SI पर महिला से शोषण और धमकी के गंभीर आरोप

सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. डुमरियागंज थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (SI) पर पीड़ित महिला ने बेटियों को बरामद करने के बहाने गुजरात और मुंबई ले जाकर छेड़खानी और आर्थिक शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के अनुसार, उसकी दो बेटियां 20 नवंबर 2025 को लापता हो गई थीं. स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद एसपी के हस्तक्षेप पर मोबाइल सर्विलांस के जरिए बेटियों की लोकेशन गुजरात और मुंबई में मिली. बड़ी बेटी को मुंबई के एक होटल से अरबाज नामक युवक के साथ बरामद किया गया. महिला का आरोप है कि इस पूरी बरामदगी प्रक्रिया के दौरान उपनिरीक्षक अरविंद मौर्य उसे साथ लेकर गए थे.
आर्थिक शोषण और छेड़खानी का आरोप
पीड़िता ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में दावा किया है कि बेटियों की तलाश में की गई पूरी यात्रा का खर्च उसे ही उठाना पड़ा. महिला का आरोप है कि:
रास्ते में खाने-पीने, होटल में ठहरने और वाहन के ईंधन का भुगतान उसने अपने मोबाइल से ऑनलाइन किया.
उसके पास इन सभी भुगतानों के डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं.
मुंबई और अन्य जगहों पर ठहरने के दौरान दरोगा ने उसके साथ छेड़खानी और जबरदस्ती का प्रयास किया.विरोध करने पर दरोगा ने उसे और उसकी बेटियों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी.
मुख्य आरोपी को छोड़ने का दावा
महिला का यह भी गंभीर आरोप है कि जिस युवक अरबाज के साथ उसकी बेटी होटल में मिली थी, पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और उसे रास्ते में ही छोड़ दिया. महिला ने बताया कि उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर धारा 420 के तहत जेल भेजने की धमकी दी गई.
”यदि मुझे न्याय नहीं मिला, तो मैं आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होऊंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित उपनिरीक्षक की होगी.”
— पीड़ित महिला
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. बांसी सीओ रोहिणी यादव ने बताया कि एसपी के निर्देश पर महिला और उसकी बड़ी बेटी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अभी तक किसी विभागीय निलंबन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.










