बोरे में मिला नवजात, बच्चों की सतर्कता से बची मासूम की जान

सतना जिले के भरहुत गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक मां ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद जंगल में बोरे में भरकर छोड़ दिया। सौभाग्य से वहां खेल रहे बच्चों ने बच्चे की किलकारी सुनी और समय रहते उसकी जान बचा ली।
शनिवार सुबह कुछ बच्चे भरहुत स्थित पुरातत्व विभाग की बाउंड्री के भीतर खेल रहे थे। तभी उन्हें रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखा तो एक बोरे में कपड़े में लिपटा नवजात पड़ा मिला। कुछ बच्चे वहीं रुककर उसकी सुरक्षा करने लगे, जबकि अन्य गांव जाकर बड़ों को सूचना देने पहुंचे।
जानकारी मिलते ही गांव की सरपंच माया देवी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर उंचेहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित निकालकर सिविल अस्पताल उंचेहरा में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में महिला चिकित्सक एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच के बाद बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ बताया गया। डॉक्टरों के अनुसार नवजात का जन्म अस्पताल पहुंचने से डेढ़ से दो घंटे पहले ही हुआ था। उसकी नाल भी नहीं कटी थी और शरीर पर गंदगी लगी हुई थी, जिसे अस्पताल में साफ किया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। फिलहाल नवजात को विशेष निगरानी में रखा गया है। उसका वजन करीब साढ़े तीन किलो है और उसे जन्म के बाद जरूरी फीडिंग भी कराई गई है।
बच्चे को बेहतर इलाज के लिए एससीएनयू वार्ड में भर्ती कर जिला अस्पताल सतना भेज दिया गया है। इस घटना के बाद गांव में चर्चा है कि समय पर बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से एक मासूम की जिंदगी बच सकी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और नवजात को छोड़ने वाली महिला की तलाश जारी है।










