राजस्थान : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

डीडवाना – कुचामन : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डीडवाना के टाउन हॉल में जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया.कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग की ओर से किया गया.
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत, जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर और भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी,भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि समाज की प्रगति की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने कहा कि महिलाएं जब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव आता है.उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पुलिस और प्रशासन से संपर्क करने में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने वर्तमान में होते साइबर अपराधों से सावधान रहने की भी जरूरत बताई . कार्यक्रम में अधिवक्ता और लेखिका डॉ. विजय श्री ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना बहुत जरूरी है.उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित और जागरूक होंगी तभी वे अपने अधिकारों की रक्षा कर पाएंगी और समाज में बराबरी के साथ आगे बढ़ सकेंगी.
वहीं शूटिंग बॉल की अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. सुनीता चौधरी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करता है.उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों में भी अपार प्रतिभा है, बस उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की आवश्यकता है.
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीणा टंडन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं का सम्मान और सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए.
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर घर में बच्चों को बचपन से ही महिलाओं के सम्मान और समानता के संस्कार दिए जाने चाहिए.
उन्होंने महिलाओं से शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया.











