औरंगाबाद के युवक की दिल्ली में मौत: बिल्डिंग में आग लगने के बाद जान बचाने चार मंजिला इमारत से कुदा था, इलाज के दौरान हुई मौत

औरंगाबाद: जिले के अंबा थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां दिल्ली में लगी भीषण आग की घटना में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान अंबा थाना क्षेत्र के नरहर अंबा टोले कुम्हार बिगहा गांव निवासी धरमु प्रजापति के पुत्र 25 वर्षीय शंभू प्रजापति के रूप में हुई है. बताया जाता है कि शंभू करीब एक माह पूर्व ही रोजगार की तलाश में दिल्ली गया था और नोएडा सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में कार्यरत था.
बुधवार को कंपनी परिसर में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार मंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल को अपनी चपेट में ले लिया. पूरे भवन में घना धुआं भर गया, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा था. चौथे फ्लोर पर मौजूद कर्मचारियों के लिए स्थिति और भी भयावह हो गई, क्योंकि आग और धुआं तेजी से ऊपर की ओर फैल रहा था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना में 10 लोगों की झूलसकर कर मौत हो गई. जब शंभू और उसके साथ मौजूद एक अन्य मजदूर को कोई सुरक्षित रास्ता नहीं दिखा, तो जान बचाने के लिए उसने एक अन्य युवक के साथ इमारत की छत से नीचे छलांग लगा दी. इस दौरान दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
घायलों को तुरंत इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान शंभू प्रजापति ने दम तोड़ दिया. कंपनी प्रबंधन द्वारा घटना की सूचना परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग तत्काल दिल्ली पहुंचे. कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया.
शुक्रवार को जैसे ही शंभू का शव उसके पैतृक गांव नरहर अंबा पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया. परिजन शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रोने लगे. गांव का माहौल गमगीन हो गया. शनिवार को शोकाकुल माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया. परिजनों ने बताया कि शंभू पहले किसी अन्य कंपनी में कार्यरत था.
लेकिन कुछ समय पहले वह नौकरी छोड़कर घर आया था. करीब एक माह पूर्व ही उसने नई कंपनी ज्वाइन की थी. वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और अभी अविवाहित था. उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.









