गौतम गंभीर पर गंभीर आरोप, ड्रेसिंग रूम में दरार, दादागिरी करके खिलाड़ियों को बना रहे निशाना?


Atul Wassan On Gautam Gambhir: गौतम गंभीर ने साल 2024 में भारतीय टीम के हेड कोच का पद संभाला था. उनकी कोचिंग में टीम इंडिया अभी तक 2 आईसीसी ट्रॉफी जीत चुकी है. इन सब के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने गौतम गंभीर के आक्रामक स्वभाव और मैनेजमेंट स्टाइल पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. वासन का कहना है कि गंभीर की वजह से टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का माहौल खराब है और कुछ खिलाड़ी खुश नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने खिलाड़ियों के नामों का खुलासा नहीं किया है.
गौतम गंभीर पर गंभीर आरोप
वासन दिल्ली क्रिकेट से जुड़े रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि वह गंभीर को बचपन से जानते हैं. उनके मुताबिक, गंभीर का रवैया हमेशा से ‘मेरी तरह या फिर रास्ता छोड़ दो’ वाला रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर युवा दिनों से ही बुलींग की आदत रखते थे, यहां तक कि दिल्ली क्रिकेट में भी. अगर कोई उनकी बात मानने से इनकार कर दे तो वह उसे अपनी ‘हिट लिस्ट’ पर डाल लेते हैं और नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं.
अतुल वासन ने क्या कहा?
अतुल वासन ने विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘”मैं उसे बचपन से जानता हूं. मेरे उससे कुछ मतभेद रहे हैं. उसके साथ मेरा ही मामला है, या तो मेरी बात मानो या फिर रास्ता छोड़ दो. वह ऐसा ही है, और वह दिल्ली क्रिकेट में भी बहुत दादागिरी करता था. उसका स्वभाव शुरू से ही ऐसा है. वह एक संपन्न परिवार से आता है, एक बेहतरीन खिलाड़ी है और बुद्धिमान भी है. उसका अहंकार चरम पर है. वह सोचता है कि अगर वह सुबह में रात कह दे, तो लोग उसे रात ही मान लेंगे. उसकी बात मानो. अगर नहीं मानोगे, तो तुम मेरी जान के दुश्मन बन जाओगे. वह तुम्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, लेकिन उसने क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल किया है और उसके स्वभाव ने ही क्रिकेट में उसकी मदद की है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे यकीन है कि सभी खिलाड़ी खुश नहीं होंगे. कोई न कोई तनाव में सो रहा होगा. ऐसा होता है, व्यक्तिगत पसंद-नापसंद होती हैं, और वह भी इतने मजबूत व्यक्तित्व के साथ. व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के साथ, अगर आप जीतते रहते हैं, तो ठीक है. लेकिन अगर आप हारते हैं, तो आपको आलोचना सुननी होगी. मैं उन खिलाड़ियों में से एक-दो को जानता हूं, वो खुलकर नहीं बोलेंगे. मैं इस शो में उनके नाम नहीं ले सकता. सबको पता है कि क्या हो रहा है. लेकिन उन खिलाड़ियों को किनारे करने के बाद, अगर आप जीत जाते हैं, तो सब कुछ आपका हो जाता है. यह एक टीम खेल है, कोई भी खिलाड़ी की बात नहीं सुनेगा. अगर इन सब के बाद भी कोच जीत जाता है, तो कोच सही है और खिलाड़ी गलत.’











