प्राकृतिक खेती से बढ़ी आमदनी, छर्राटांगर के किसान बने क्षेत्र के लिए प्रेरणा

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के गांव छर्राटांगर के किसान तुलसीराम मांझी ने प्राकृतिक खेती अपनाकर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों और औपचारिक शिक्षा के बिना भी खेती को लाभकारी और पर्यावरण हितैषी बनाया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक तरीकों को अपनाया और आज उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।

वर्ष 2023 से पहले तक तुलसीराम मांझी भी परंपरागत रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भर खेती कर रहे थे। बढ़ती लागत, घटती उपज और मिट्टी की खराब होती स्थिति ने उन्हें खेती के तरीकों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया। इस बदलाव में उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत कृषि विभाग से प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन मिला।

तुलसीराम मांझी अपनी दो देशी गायों के गोबर और गौमूत्र से बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, बायो-कल्चर और हरी खाद जैसे प्राकृतिक इनपुट स्वयं तैयार करते हैं। वे मूंगफली, साग-सब्जी और आम की खेती करते हैं और पूरी तरह रसायन मुक्त तरीकों पर निर्भर हैं।

प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनके खेत की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। प्रति एकड़ लगभग 8 क्विंटल उत्पादन मिल रहा है। खेत की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़कर 0.75 तक पहुंच गई है, जिससे भूमि की उर्वरता में स्पष्ट सुधार हुआ है। जहां पहले खेती पर अधिक खर्च आता था, वहीं अब उनकी लागत घटकर लगभग 4 हजार रुपये प्रति एकड़ रह गई है। इसके मुकाबले उनकी शुद्ध आय करीब 48 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।

कीट और रोग नियंत्रण के लिए वे नीम की निम्बोली से बने अर्क, प्राकृतिक घोल और ट्रैप क्रॉप्स का उपयोग करते हैं। फसल चक्र अपनाकर वे मिट्टी की सेहत को लंबे समय तक बनाए रख रहे हैं। तुलसीराम मांझी की सफलता यह दर्शाती है कि प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्यवर्धक और जहरमुक्त भोजन देती है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने का सशक्त माध्यम भी बन सकती है। आज उनकी खेती क्षेत्र के अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com