सुपौल में सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग का अजीबोगरीब कारनामा, शिक्षकों के लिए बनी गले की हड्डी…

सुपौल: जिले के शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान को लेकर एक अजीबोगरीब और गंभीर मामला सामने आया है जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. एक ही विद्यालय में एक ही पद पर कार्यरत शिक्षकों को अलग-अलग दर से आवास भत्ता (एचआरए) का भुगतान किया गया है.
हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हुआ है, जब विभाग द्वारा हाल ही में जिले के सभी विद्यालयों के लिए आवास भत्ता का स्लैब जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही वेतन एवं भत्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. मामला जनवरी माह के वेतन भुगतान से जुड़ा हुआ है. जब शिक्षकों को वेतन का विवरण मिला, तो कई विद्यालयों में यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि एक ही विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों को अलग-अलग दर से आवास भत्ता दिया गया है. कहीं किसी शिक्षक को निर्धारित दर से आवास भत्ता मिला, तो वहीं उसी विद्यालय के दूसरे शिक्षक को कम दर से भुगतान किया गया. इससे शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी का माहौल व्याप्त है.
शिक्षकों का कहना है कि जब पद, कार्यस्थल और सेवा शर्तें समान हैं, तो फिर आवास भत्ते में भेदभाव किस आधार पर किया गया. विभाग द्वारा जारी किए गए स्लैब में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया है कि शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार ही आवास भत्ता देय होगा. बावजूद इसके, एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के वेतन में इस प्रकार का अंतर विभागीय लापरवाही और गंभीर गड़बड़ी को दर्शाता है.
दरअसल यह गड़बड़ी वेतन निर्धारण और डाटा फीडिंग के दौरान की गई लापरवाही का नतीजा है. कई शिक्षकों का मानना है कि वेतन भुगतान से पूर्व न तो समुचित जांच की गई और न ही विभागीय स्तर पर किसी प्रकार का सत्यापन किया गया. परिणामस्वरूप, गलत तरीके से वेतन का भुगतान कर दिया गया, जिसका खामियाजा अब शिक्षक भुगत रहे हैं. पिपरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कटैया माहे के प्रधान ने बताया कि नये तरीके से आवास भत्ता निर्धारण को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के ज्ञापांक 516नि दिनांक 20.3.2021 के द्वारा उनके विद्यालय का आवास भत्ता चार प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत व्यय करने की स्वीकृति दी गई. इस पत्रांक के आलोक में उन्होंने कुल सात शिक्षकों का आवास भत्ता अपडेट करने को लेकर विपत्र जमा किया.
इधर जब जनवरी माह का भुगतान हुआ तो इनमें से कुछ शिक्षकों को आवास भत्ता 10 प्रतिशत तो दिया गया तो कुछ शिक्षकों का भत्ता पुराने दर से ही दिया गया. यही शिकायत राजवती मुकुंद मध्य विद्यालय कटैया रही के प्रधान की भी है. शिक्षकों का कहना है कि कई विद्यालयों में इसी तरह की विसंगति है. इस बारे में डीपीओ स्थापना आलाेक शेखर आनंद ने कहा कि आवास भत्ता के एक्सल शीट पर नये दर से भत्ता निर्धारण किया गया लेकिन वह अभी अपडेट नहीं हो सका है. कुछ में गड़बड़ी हुई है जिसे जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा.









