गाजीपुर: सांसद अफजाल अंसारी ने कहा- यह भी साबित करिए की वह वीर सावरकर है…

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे कैलाश यादव का दसवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक निवास पर मनाया गया यह आयोजन उनके बेटे और जंगीपुर के विधायक डॉ वीरेंद्र यादव की तरफ से आयोजित किया गया था और इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व मंत्री और सांसद शामिल रहे.
आज के इस कार्यक्रम में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी जिन्हें लोकसभा के संसद सत्र में जाना था लेकिन अपने नेता के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह इस कार्यक्रम में पहुंचे और उन्होंने श्रद्धा सुमन अर्पित किया और फिर दिल्ली के लिए रवाना हुए.
सेना पूछता है कि दुश्मन देश टैंक लेकर चढ़ गया और इधर से जवाब दिया जाता है कि जो चाहे वह करो- सांसद अफजाल अंसारी
इस दौरान उन्होंने संसद कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नहीं पहुंचने और सुरक्षा का हवाला देकर उपस्थित नहीं होने के मामले पर बोलते हुए कहा कि पहली बार ऐसा हुआ की पीठ से लोकसभा स्पीकर ने कहा कि हमने मना कर दिया कि प्रधानमंत्री जी आप मत आईए आपकी जान का खतरा है ऐसे उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को देश के संसद में भी खतरा है ऐसे में उस खतरे से डर कर प्रधानमंत्री जब संसद में आकर नहीं बैठ सकते विपक्ष के सवाल का जवाब नहीं दे सकते तो उस प्रधानमंत्री के हाथ में देश की सीमाएं कैसे सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने कहा कि सेना पूछता है कि दुश्मन देश टैंक लेकर चढ़ गया और इधर से जवाब दिया जाता है कि जो चाहे वह करो इस पर उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि इससे बड़ी बेशर्मी की और कोई बात नहीं हो सकती है कि यह उन्हें अपनी जिम्मेदारी से भागने का संकेत है इसलिए मैं कहूंगा कि वह सदन के लिए इतिहास का अजीब दिन था जब देश के प्रधानमंत्री को अपने ही संसद में खतरा महसूस हुआ.
मोहन भागवत के द्वारा जनसंख्या पर दिए गए बयान की 19 से 25 के बीच में शादी कर देना और उनके तीन बच्चे होना उनके सेहत के लिए फायदेमंद होगा इस पर उन्होंने कहा कि यह एक समय वैज्ञानिक भी हैं और एक बार इन्होंने कहा था कि देश की सीमा पर हमारे तीन लाख स्वयं सेवक मुकाबला करने के लिए तैयार हैं ऐसे में एक समय में ही वैज्ञानिक भी है डॉक्टर भी हैं और दार्शनिक भी हैं और यह देश को 18वीं शताब्दी में लौट कर ले जाने वाले विचारधारा के लोग भी हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह जो संदेश है गौर से ध्यान दीजिएगा कि यह किसके लिए है इस संदेश में भी देश में विभाजन कार्य नीति छिपी हुई दिख रही है ऐसे में उन्होंने कहा कि देश को जनता को भी इस मामले पर जो उचित समझ में आए वह करें.
जिसने 11 बार लिखकर माफी मांगा- सांसद अफजाल अंसारी
मोहन भागवत के द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न देने की भी बात कही है इस पर सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि कि यह भी साबित करिए कि वह वीर सावरकर हैं क्योंकि इस वक्त एक दौर चला हुआ है लोगों को अपने को साबित करने के लिए क्योंकि शंकराचार्य भी कहेंगे कि मैं शंकराचार्य हूं तो उनसे भी शंकराचार्य होने का सबूत मांगा जाएगा इसलिए मेरा भी सवाल है कि वह वीर सावरकर कैसे हैं उन्हें क्या कहा गया. जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया लेकिन अंग्रेजों से माफी नहीं मांगा, इस दौरान उन्होंने कहा कि जिसने 11 बार लिखकर माफी मांगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस वक्त ब्रिटिश शासन में कलेक्टर की सैलरी से डेढ़ गुना अधिक पेंशन पर उन्होंने समझौता किया उसे आप कैसे महिमा मंडित कर सकते हैं. आपके पास सिर्फ दो ही नाम है एक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दूसरे वीर सावरकर इसलिए दोनों का इतिहास देश के सामने रख दो लेकिन आप कैसे झूठ ला दोगे की श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल में मुस्लिम लीग की पहली सरकार बनने में मंत्री थे.
ए आई एम आई एम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का बयान की उत्तर प्रदेश में बुर्का वाली महिला मुख्यमंत्री बनेगी इस पर उन्होंने कहा कि यह लोग बिहार में बना दिए और यह कहे थे कि अब्दुल यहां पर दरी नहीं बिछाएगा बल्कि अब्दुल मुख्यमंत्री बनेगा तो बिहार में अब्दुल है मुख्यमंत्री की शपथ ले ली है.
ऐसे में उत्तर प्रदेश के लिए वह यदि एक उदाहरण देते हैं तो तो बुर्के वाली महिला भी देश की व्यवस्था चलाई गई ऐसे में देखना है तो गाजीपुर का इतिहास देख लो यहां कितनी नगर पालिकाओं में बुर्के वाली महिला या फिर मुसलमान अध्यक्ष नहीं रहा यह सिर्फ एक विभाजनकारी नीति और समझौता है कि देश को धार्मिक कट्टर भावनाओं में बांटा जाए जिससे कट्टर हिंदू एक तरफ हो जाए और कट्टर मुसलमान एक तरफ हो जाए.











