8 ग्रुप, 4.5 घंटे बैठक और 4 बड़ी थीम… चिंतन शिविर में PM मोदी का मंत्रियों को गुरुमंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ की अध्यक्षता की. सरकार के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा करने और ‘विकसित भारत@2047’ के अगले चरण के लिए प्राथमिकताएं तय करने के लिए बुलाई गई यह महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को भी जारी रहेगी.

बुधवार को हुई उच्च-स्तरीय बैठक लगभग साढ़े चार घंटे तक चली. सत्र के लिए मंत्रियों को आठ अलग-अलग समूहों में बांटा गया था और हर समूह को एक अलग टेबल दी गई थी. बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से हर टेबल पर जाकर प्रत्येक समूह के मंत्रियों से सीधे बातचीत की. मुख्य बैठक खत्म होने के बाद, विभिन्न मंत्रियों के आवासों पर आंतरिक समूह चर्चाएं शुरू हो गई.

सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति

बैठक में मंत्रियों को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने उनसे समग्र विकास के लिए समाज के हित में काम करने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया. उन्होंने यह पक्का करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए कि देश में सभी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक जरूर पहुंचे.

चर्चाएं 4 मुख्य विषयों पर केंद्रित

इस दो-दिवसीय विचार-मंथन सत्र का मुख्य फोकस ‘गवर्नेंस’ है. पहले दिन के सत्रों में हितधारकों की भागीदारी, मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय, नीतिगत पहल और शिकायत निवारण प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया. इस दौरान गवर्नेंस, ‘जन विश्वास से जन आधार’ (Public Trust to Public Support), योजनाओं का वितरण और महिलाएं, युवा और प्रभावी संचार तक पर फोकस रहा. इन 4 मुख्य विषयों पर पीएम मोदी ने मंत्रियों से चर्चा की. इन चर्चाओं में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सचिवों के समूहों (GoS), कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के इनपुट शामिल किए गए हैं.

30 सितंबर और 1 अक्टूबर चिंतन शिविर

बाकी विषयों पर 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अगले चरण में चर्चा होने की संभावना है. यह ‘चिंतन शिविर’ हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के साथ आयोजित बैठकों की श्रृंखला में नवीनतम है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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