जबलपुर में 13 साल की बच्ची की बेरहमी से पिटाई, हालत बिगड़ी तो ICU में भर्ती, पुलिस कार्रवाई पर सवाल?

जबलपुर : तिलवारा थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा. इस पूरे मामले में जहां एक ओर बच्ची के पिता और दादी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस के रवैये और कार्रवाई में देरी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

पीड़ित बच्ची की मां रानी दुबे ने आरोप लगाया है कि उनके पति कृष्ण कुमार दुबे और सास विद्या बाई दुबे ने उनकी बेटी के साथ क्रूरता से मारपीट की. रानी दुबे के मुताबिक वह कटनी में रहती हैं, जबकि उनके पति जबलपुर के भैरव नगर इलाके में रहते हैं. पारिवारिक विवाद के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. उनकी बड़ी बेटी पिछले करीब एक साल से पिता के साथ रह रही थी, जबकि छोटी बेटी मां के पास रहती है। हाल ही में परीक्षा देने के लिए छोटी बेटी जबलपुर अपने पिता के पास आई थी.

मां का आरोप है कि इसी दौरान किसी फोटो को लेकर घर में विवाद हुआ, जिसके बाद पिता और दादी ने मिलकर बच्ची को बुरी तरह पीटा. उन्होंने बताया कि बच्ची को उसके प्राइवेट पार्ट्स पर भी गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के दौरान बच्ची ने किसी तरह अपनी मां को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी.

रानी दुबे ने बताया कि उन्होंने बेटी को तुरंत पुलिस की मदद लेने के लिए कहा, जिसके बाद बच्ची ने डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगी और तिलवारा थाने पहुंची। हालांकि मां का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह और असंवेदनशील रहा. उनका कहना है कि पुलिस ने बच्ची की शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उस पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न कराए.

रानी दुबे के अनुसार उन्हें कटनी से जबलपुर पहुंचने में करीब दो घंटे लगे. जब तक वह थाने पहुंचीं, तब तक बच्ची डरी-सहमी हालत में बैठी रही. उन्होंने बताया कि थाने पहुंचने के बाद काफी देर तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. लगभग सात से नौ घंटे तक वह थाने में ही भटकती रहीं, जिसके बाद बच्ची को मेडिकल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया.

डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया. मां का कहना है कि यदि बच्ची को दर्द और चोट नहीं होती तो डॉक्टर उसे आईसीयू में भर्ती नहीं करते. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार फोन कर धमकाया जा रहा है. रानी दुबे ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उनकी 13 साल की नाबालिग बेटी के साथ हुई इस घटना में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए. फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर कई सवाल उठ रहे हैं.











