धमतरी में गणगौर पर्व पर निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं का उत्साह

धमतरी में गणगौर पर्व को लेकर शहर में उत्साह का माहौल रहा। 16 दिनों तक घरों में माता गौरी और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधान में सजी-धजी नजर आईं और नृत्य करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुईं।
शोभायात्रा की शुरुआत बाबा रामदेव मंदिर से हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कठोली तालाब पहुंची। यहां भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पर्व का समापन किया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और पर्व की खुशियां साझा कीं।
आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पारंपरिक गीत-संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। समाज की महिलाओं के अनुसार यह शोभायात्रा सामूहिक पहल से आयोजित की गई, जिसमें हर आयु वर्ग की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
गणगौर पर्व होली के बाद शुरू होता है और 15 दिनों तक घरों में माता की स्थापना कर पूजा की जाती है। अंतिम दिन ईशर-गणगौर की विदाई की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान पूजा, मेहंदी, गीत-संगीत और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
यह पर्व विशेष रूप से दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि से जुड़ा माना जाता है। कुंवारी युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए पूजा करती हैं। गणगौर का यह आयोजन सामाजिक एकता और परंपराओं को सहेजने का भी प्रतीक बनकर सामने आया।









