औरंगाबाद : गांव के रोहित ने रचा इतिहास, 485 अंक लाकर बना बिहार टॉपर

औरंगाबाद : एक कहावत है कि “कौन कहता है कि आसमा में भी हो सकता है सूराख, एक पत्थर तो तबियत से उछलकर तो देखो.” सही मायने में इस कहावत को अगर किसी ने सही साबित किया है तो वह है नबीनगर प्रखंड क्षेत्र के रामनगर पंचायत के रामनगर गांव निवासी संजय चौधरी के पुत्र रोहित कुमार चौधरी ने. रोहित ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में 485 अंक लाकर बिहार के टॉप टेन में छठा स्थान प्राप्त किया है.
रोहित के इस सफलता से घर परिवार और रामनगर गांव के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है.रोहित के सफलता से उसके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.रोहित रामनगर के उत्क्रमित एम एस विद्यालय का छात्र है. रोहित के पिता संजय चौधरी रामनगर गांव में ही एक छोटा सा होटल चलाने का काम करते हैं. वहीं रोहित कि मां पुष्पा देवी गृहणी है.
रोहित ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई के बाद रामनगर में स्थित मिश्रा कोचिंग में पढ़ाई करता था और वहां से घर आने के बाद वह प्रतिदिन सात-आठ घंटा पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी करता था. रोहित ने बताया कि आगे कि पढाई जारी रखते हुए वह इंजीनियर बनना चाहता है.
अपनी सफलता पर आह्लादित हुए रोहित का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. नियमित और सार्थक पढ़ाई के बल पर ही किसी भी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है. उसने कहा कि सफलता में सबसे बड़ी भूमिका पढ़ाई के प्रति ईमानदार होना है.उसने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता एवं शिक्षकों के सहयोग एवं सही मार्गदर्शन को दिया है.
रोहित ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों एवं मैट्रिक बोर्ड में अगले साल शामिल होने वाले छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि कोचिंग के अलावा सात से आठ घंटे सेल्फ स्टडी करना ही सफलता की कुंजी है.











