देश में डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड, मार्च में UPI ने पार किए 22.64 अरब ट्रांजैक्शन

भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) है। मार्च 2026 में UPI के जरिए 22.64 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 24 प्रतिशत अधिक है। मार्च 2025 में जहां 18.3 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 22.64 अरब तक पहुंच गई है। फरवरी 2026 के 20.39 अरब ट्रांजैक्शन की तुलना में भी इसमें लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
UPI की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी आसान और सुरक्षित भुगतान प्रणाली है। यह सिस्टम दो-स्तरीय सुरक्षा पर काम करता है, जिसमें मोबाइल नंबर और UPI पिन के जरिए ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाया जाता है।
देश के कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। वहीं वैश्विक स्तर पर रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में भी इसका योगदान लगभग 50 प्रतिशत माना जा रहा है, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
UPI अब भारत तक सीमित नहीं रहा है। यह UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस जैसे देशों में भी शुरू किया जा चुका है। फ्रांस में इसकी शुरुआत यूरोप में इसके विस्तार का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस सिस्टम को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) संचालित करता है, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की पहल है। यह प्लेटफॉर्म देश में तुरंत और सुरक्षित डिजिटल भुगतान को लगातार आसान बना रहा है।









