CSK vs GT: गुजरात को भी लगा कैच छोड़ने का रोग, एक ही बल्लेबाज को दिए 3 मौके, इतनी बार किए ड्रॉप

CSK vs GT: गुजरात को भी लगा कैच छोड़ने का रोग, एक ही बल्लेबाज को दिए 3 मौके, इतनी बार किए ड्रॉप

आईपीएल के हर सीजन में बैटिंग का स्तर लगातार बेहतर होता दिखा है. गेंदबाज भी कुछ न कुछ बदलाव कर खुद को बेहतर करने की कोशिश में लगे रहते हैं. IPL 2026 सीजन में भी ऐसा देखने को मिल रहा है. मगर इन सबके बीच इस सीजन में फील्डिंग का स्तर अचानक बुरी तरह गिर गया है. लगातार कैच छूटने के मामले बढ़ गए हैं. खास तौर पर सिर्फ 3 मैच में ही 20 से ज्यादा कैच छूट गए. जो नजारा पंजाब-दिल्ली और राजस्थान-हैदराबाद के मैच में देखने को मिला, वही हाल गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के मैच का भी रहा.

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में रविवार 26 अप्रैल को चेन्नई और गुजरात के बीच दिन का पहला मैच खेला गया. इस मुकाबले में चेन्नई पहले बैटिंग कर रही थी लेकिन गुजरात के तेज गेंदबाजों ने उसकी हालत पतली कर दी. सिर्फ 37 रन तक टीम के 4 विकेट गिर गए थे और उसे 50 रन तक पहुंचने में पूरे 12 ओवर लग गए. ऐसा लग रहा था कि टीम 100 रन भी मुश्किल से पार कर पाएगी लेकिन ये हुआ और इसकी एक बड़ी वजह गुजरात की फील्डिंग रही.

इस मुकाबले में जितनी अच्छी गेंदबाजी गुजरात की ओर से हुई, उतनी ही खराब फील्डिंग देखने को मिली. टीम ने पूरे 20 ओवर में 5 कैच टपका दिए, जिसमें से 4 तो आसान ही थे. इसमें से 3 कैच तो शिवम दुबे के ही ड्रॉप हुए. बाएं हाथ के बल्लेबाज दुबे को 6 रन पर पहला जीवनदान मिला, जब जॉस बटलर ने उनका कैच छोड़ा. फिर 11 रन के स्कोर पर साई सुदर्शन ने यही गलती की.

तीसरी बार मौका मिला, जब शिवम 22 रन पर थे और मोहम्मद सिराज ने उन्हें जीवनदान दिया. हालांकि तीसरा कैच छूटने के बाद अगली ही गेंद पर अरशद खान ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया. मगर इतने देर में वो ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 53 रन की अहम साझेदारी कर चुके थे.

सिर्फ दुबे ही नहीं, इसके बाद कार्तिक शर्मा और जेमी ओवरटन को भी जीवनदान मिले. 18वें ओवर में कार्तिक शर्मा ने डीप स्क्वायर लेग पर ऊंचा शॉट खेला, जिसे लपकने के लिए मानव सुथार और राशिद खान दौड़े. लेकिन गेंद के करीब पहुंचते ही किसी ने भी कैच की कोशिश नहीं की और गेंद 4 रन के लिए चली गई.

फिर अगले ओवर में जेमी ओवरटन ने मिड ऑफ पर शॉट जमाया. गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने डाइव लगाकर कैच की कोशिश की लेकिन चूक गए. गिल ने गलती ये की थी कि उन्होंने सिर्फ एक हाथ से कैच लपकना चाहा. अगर दोनों हाथ से कोशिश करते तो ये कैच हो सकता था. ये गेंद चौके के लिए गई और इसके बाद ओवरटन ने लगातार गेंदों पर छक्का, चौका और चौका जमाया.

इससे पहले शनिवार 25 अप्रैल को खेले गए दो मुकाबलों में तो कैच ड्रॉप होने की सारी हदें पार हो गई थीं. पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के मैच में जो सिलसिला शुरू हुआ, वो राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के मैच में भी जारी रहा. कुल मिलाकर 4 पारियों में 16 कैच छूटे. इन सबका असर मैच पर पड़ा. जहां दिल्ली और राजस्थान ने इनका फायदा उठाकर अपनी-अपनी पारियों में बड़े स्कोर बनाए, वहीं पंजाब और सनराइजर्स ने कैच ड्रॉप का फायदा उठाकर बड़े स्कोर चेज कर जीत हासिल की.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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