Rinku Singh: संकटमोचन नहीं, मुझे यही कहिए… रिंकू सिंह ने खुद बताया अपना अच्छा नाम

Rinku Singh: संकटमोचन नहीं, मुझे यही कहिए… रिंकू सिंह ने खुद बताया अपना अच्छा नाम

Rinku Singh, KKR vs LSG: कोई फीनिशर कहता है तो कोई लॉर्ड रिंकू. लेकिन, सवाल ये कि रिंकू सिंह खुद क्या कहलाना पसंद करते हैं? कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के मुकाबले के बाद रिंकू सिंह को एक और नए नाम से पुकारे जाने की कोशिश हुई. उस नए नाम पर रिंकू सिंह की रजामंदी भी मांगी गई. लेकिन उन्होंने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. रिंकू सिंह ने फिर वो नाम बताया, जो उन्हें पसंद है. जिससे पुकारा जाना उन्हें भाता है.

रिंकू सिंह के कमाल से जीता कोलकाता

इकाना स्टेडियम पर 26 अप्रैल को खेले मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को रोमांचक मुकाबले में हरा दिया. दोनों टीमों के बीच हुए इस मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ, जिसमें जीत के नायक रिंकू सिंह बने. रिंकू सिंह की बल्लेबाजी और चुस्त फील्डिंग दोनों का ही असर रहा कि कोलकाता की टीम मैदान मारने में कामयाब रही.

संकटमोचन कहलाने से रिंकू सिंह को परहेज

अब इस तूफानी प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह जब पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड लेने पहुंचे तो उनके सामने पहला सवाल ही उनके नए नाम के तौर पर सामने आया. प्रजेंटर ने रिंकू सिंह से पूछा कि क्या उन्हें उनका नाम बदलकर अब रिंकू संकटमोचन कर देना चाहिए? रिंकू सिंह ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. फिर उन्होंने कहा कि सिर्फ रिंकू ही अच्छा है.

5 कैच, 5 छक्के, 83* रन… रिंकू सिंह का धाकड़ प्रदर्शन

रिंकू सिंह ने LSG के खिलाफ 51 गेंदों पर 83 रन की नाबाद पारी खेली. उनकी इस इनिंग में 5 छक्के और 7 चौके शामिल रही. इसके अलावा एक चौका उन्होंने सुपर ओवर में भी लगाया, जिसने फाइनली KKR की विजयी स्क्रिप्ट लिखी. रिंकू सिंह ने फील्डिंग में 5 कैच भी लपके, जिसमें से एक कैच सुपर ओवर में पकड़ा.
LSG के खिलाफ रिंकू सिंह के खेल की सराहना इसलिए भी हो रही है क्योंकि उन्होंने मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाली थी.

रिंकू सिंह ने मैच के बाद बताई अपनी जीत की स्ट्रेटजी

अपने प्रदर्शन को लेकर रिंकू सिंह ने मैच के बाद कहा कि उनके दिमाग में बस एक ही चीज थी कि गेम को आखिर तक लेकर जाना है. टीम को विनिंग पोजिशन में लाना है. ज्यादा खतरे मोल ना लेते हुए खराब गेंदों का इंतजार करना है और सिंगल, डबल से काम चलाना है. रिंकू सिंह ने अपनी इस स्ट्रेटजी पर अमल करते हुए ही KKR को जीत दिलाई.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com