ITR Filing 2026: कैपिटल गेन, F&O ट्रेडिंग और राजनीतिक चंदे की रिपोर्टिंग हुई सख्त, जानिए नए नियम

नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले करदाताओं को इस बार कई महत्वपूर्ण बदलावों का सामना करना पड़ेगा। आयकर विभाग ने रिटर्न फॉर्म में कई नई जानकारियां शामिल की हैं, जिनका उद्देश्य करदाताओं द्वारा दी गई जानकारी का विभिन्न वित्तीय स्रोतों से मिलान करना है।
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि अब आयकर विभाग Annual Information Statement (AIS), TDS रिकॉर्ड, बैंकिंग डेटा, ब्रोकरेज रिपोर्ट और अन्य वित्तीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का स्वतः मिलान कर रहा है। ऐसे में रिटर्न दाखिल करते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि या जानकारी छिपाना नोटिस और जांच का कारण बन सकता है।
ITR-1 (सहज) में क्या बदला?
इस वर्ष ITR-1 फॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब दो मकानों तक की आय रखने वाले करदाता भी ITR-1 भर सकेंगे। पहले एक से अधिक मकान होने पर ITR-2 दाखिल करना अनिवार्य था।
इसके अलावा सूचीबद्ध शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) को भी ITR-1 में दर्शाया जा सकेगा। साथ ही करदाताओं को अतिरिक्त मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और वैकल्पिक पते की जानकारी भी देनी होगी।
ITR-2 और ITR-3 में बढ़ी रिपोर्टिंग
ITR-2 फॉर्म में कैपिटल गेन से जुड़े लेनदेन की अधिक विस्तृत जानकारी मांगी गई है। शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान की अलग से रिपोर्टिंग करनी होगी। विदेशी संपत्ति, विदेशी बैंक खाते और विदेश से होने वाली आय की जानकारी देना पहले की तरह अनिवार्य रहेगा।
वहीं ITR-3 दाखिल करने वाले कारोबारियों और ट्रेडर्स को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O), इंट्राडे ट्रेडिंग, कमोडिटी ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग की अलग-अलग जानकारी देनी होगी। बड़े वित्तीय लेनदेन और व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़ी रिपोर्टिंग भी पहले से अधिक विस्तृत कर दी गई है।
ITR-4 में बैंक बैलेंस बताना होगा जरूरी
अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) का लाभ लेने वाले करदाता अब ITR-4 में दो मकानों तक की आय दिखा सकेंगे। इसके अलावा धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के LTCG की जानकारी भी दी जा सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि करदाताओं को 31 मार्च 2026 तक अपने बैंक खाते में उपलब्ध शेष राशि (Closing Balance) की जानकारी देना अनिवार्य होगा। हालांकि विदेशी पेंशन खाते का विवरण देने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
राजनीतिक चंदे पर सख्त हुई निगरानी
आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे पर भी निगरानी बढ़ा दी है। अब टैक्स छूट का दावा करने वाले करदाताओं को संबंधित राजनीतिक दल का PAN नंबर भी रिटर्न में दर्ज करना होगा।
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार हाल के महीनों में राजनीतिक चंदे पर 100 प्रतिशत कर छूट का दावा करने वाले कई लोगों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद यह बदलाव किया गया है।
जानिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख
वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। वहीं गैर-ऑडिट व्यवसायों, कुछ ट्रस्टों और F&O ट्रेडिंग से आय अर्जित करने वाले करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलेगा।
इसके अलावा संशोधित (Revised) रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है। जनवरी 2027 से मार्च 2027 के बीच संशोधित रिटर्न जमा किया जा सकेगा। इसके लिए निर्धारित लेट फीस का भुगतान करना होगा।
सभी जानकारियां मिलान कर रहा है विभाग
विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह सोचकर कोई भी आय छिपाना जोखिम भरा हो सकता है कि विभाग को जानकारी नहीं मिलेगी। बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर ब्रोकर, नियोक्ता और अन्य वित्तीय संस्थान सीधे आयकर विभाग को डेटा उपलब्ध करा रहे हैं।










