NEET UG Paper Leak 2026 : जानें कब-कब NEET की परीक्षा रही विवादों में

NEET-UG पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. वैसे NTA डीजी ने दोबारा परीक्षा कराए जाने की बात कही है. लेकिन सिर्फ इतना कह देने से पेपर लीक का मामला ठंडा नहीं पड़ जाएगा. अब NTA और सरकारी सिस्टम पर कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं. जो सरकार को कठघरे में खड़ा करके जवाब मांग रहे हैं.

NEET UG Paper Leak 2026/NEET-UG पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. जिसने 23 लाख छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वैसे NTA डीजी ने दोबारा परीक्षा कराए जाने की बात कही है. लेकिन सिर्फ इतना कह देने से पेपर लीक का मामला ठंडा नहीं पड़ जाएगा. अब NTA और सरकारी सिस्टम पर कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं. जिसका जवाब नहीं मिल रहा है. NTA का दावा था कि तैयारी पूरी है, तो फिर पेपर लीक कैसे हुआ? और सबसे बड़ी बात, फिर से पेपर लीक नहीं होगा, इसका भरोसा कौन देगा? ऐसे ही कई सवाल हैं जो सरकार को कठघरे में खड़ा करके जवाब मांग रहे हैं. आज इस स्टोरी में हम आपको पेपर लीक के सारे डिटेल्स बताएंगे.

ये सवाल आज पूरे देश में पूछे जा रहे हैं. छात्र परेशान हैं, शिक्षक परेशान हैं और वो माता-पिता भी परेशान हैं जिन्होंने अपने बच्चों के सपनों के लिए अपनी जिंदगी की कमाई तक दांव पर लगा दी. जरा उस छात्र की स्थिति सोचिए, जो हर दिन 10-12 घंटे पढ़ाई करता है. दोस्त, परिवार, छुट्टियां सब कुछ कुर्बान कर देता है, सिर्फ एक परीक्षा के लिए. और जब परीक्षा देकर चैन की सांस लेता है तो खबर आती है कि पेपर लीक हो गया, परीक्षा रद्द कर दी गई है. उस वक्त उस छात्र पर क्या बीती होगी? उसकी मानसिक स्थिति कैसी होगी? जिसने ईमानदारी से मेहनत की, लेकिन परीक्षा रद्द कर दी गई, आखिर उसकी गलती क्या थी?

अब तक इस मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG राजस्थान कर रहा था, आगे CBI करने वाली है. अब तक की जांच के मुताबिक NEET-UG पेपर लीक मामले में नासिक को शुरुआत का केंद्र माना जा रहा है. सूत्रों का दावा है कि प्रश्न पत्र प्रिटिंग के लिए नासिक की प्रिटिंग प्रेस पहुंचा. नासिक में इसकी पहली डिजिटल कॉपी तैयार की गई. निजी कूरियर कर्मचारी शुभम की संदिग्ध भूमिका सामने आई. आरोप है कि सुरक्षित ट्रंक को 30 मिनट तक एक्सेस की अनुमति दी गई. मोबाइल फोटो नहीं, HD पोर्टेबल स्कैनर से पेपर स्कैन होने का दावा है.NEET UG Paper Leak 2026

टेलीग्राम के कथित ‘प्राइवेट माफिया’ ग्रुप में पेपर शेयर होने की आशंका है. इस मामले में नासिक से एक अभियुक्त को हिरासत में लिया गया है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है. दावा है कि इस मामले में अब तक राजस्थान SOG ने करीब 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. जांच में 2 नाम सबसे अहम बताए जा रहे हैं मनीष यादव और राकेश मंडावरिया. जिसके इर्द-गिर्द पूरी जांच चल रही है.

जांच में दावा किया गया है कि आरोपी मनीष यादव ने नासिक की प्रिंटिंग प्रेस में डील की. मनीष यादव ने चुरु के रहने वाले लड़के को ‘लीक पेपर’ दिया. चुरु का रहने वाला लड़का केरलम में MBBS कर रहा था. चुरु वाले लड़के ने ‘लीक पेपर’ सीकर में राकेश के भेजे. राकेश ने ये ‘लीक पेपर’ अपने छात्रों के बीच बांट दिए. इसके बाद ये ‘लीक पेपर’ अलग-अलग ग्रुप में वायरल हुआ. ये कहानी पेपर से 10 दिन पहले की है. जब 3 मई को एग्जाम हो गया और राकेश ने देखा कि बहुत सारे पेपर ऐसे हैं जो पूरे के पूरे एग्जाम में आए पेपर से मैच खा गए थे तो राकेश ने पुलिस में कंपलेंट की.NEET UG Paper Leak 2026

राजस्थान पुलिस राकेश से पूछताछ करती है. जिसमें ये पता चलता है कि केरल के रहने वाले शख्स ने ये पेपर राकेश को दिये थे. राकेश की निशानदेही पर ही मनीष से पूछताछ की गई. मनीष के खुलासे के बाद ही केरल में रहने वाले शख्स को पकड़ा गया. और उसी ने यानि केरल के शख्स ने मनीष का नाम लिया. इसके बाद ही एक के एक खुलासे शुरू हुए. मनीष ने ही बताया कि उसने नासिक में रहने वाले एक शख्स के साथ ये सबकुछ डील किया था. इसके अलावा लातूर का भी नाम आया.

इस बीच राकेश पुलिस से बचने के लिए देहरादून चला गया. हालांकि इस पर अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है. ऐसे में उत्तराखंड का भी इसमें कनेक्शन सामने आ रहा है. इस बीच पेपर मनीष के जरिये हरियाणा भी पहुंचा और इसके बाद बिहार कनेक्श भी सामने आया. यानि परीक्षा के पहले ही ये पेपर इतने राज्यों में पहुंच चुका था. इसके लिए बकायदा टेलीग्राम के ग्रुप बनाये गए. इसमें पैसों की लेन-देन भी हुई और मनी ट्रेल का पता लगाने के बाद ही राजस्थान पुलिस ने एनटीए को जानकारी दी. जिसके बाद एनटीएन ने सरकार और दूसरी एजेंसियों से बात की और उसी के बाद ये तय हुआ कि इसे कैंसिल किया जाए.NEET UG Paper Leak 2026

अब जब लीक की इस पूरी क्रोनोलॉजी पर चर्चा हो रही है तो सवाल उठ रहे हैं. सवाल इसलिए है क्योंकि पिछले कुछ समय में NEET की परीक्षा काफी विवादों में रही है. दरअसल पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं अलग-अलग संस्थाएं और राज्य कराते थे. देशभर में AIIMS, JIPMER और राज्यों की अपनी अलग मेडिकल परीक्षाएं होती थी. वर्ष 2013 में पहली बार NEET यानी National Eligibility cum Entrance Test शुरू किया गया. शुरुआत में NEET परीक्षा का आयोजन Central Board of Secondary Education यानी CBSE कराता था. NEET लाने का मकसद पूरे देश के लिए ‘एक देश, एक मेडिकल परीक्षा’ लागू करना था. शुरुआती वर्षों में NEET को लेकर कानूनी विवाद और विरोध भी हुए थे.

2015 में NEET के पेपर्स लीक हुए, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई. वर्ष 2017 तक CBSE ही NEET परीक्षा आयोजित करता रहा . वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने National Testing Agency यानी NTA बनाने की घोषणा की. NTA का गठन राष्ट्रीय परीक्षाओं को पारदर्शी और प्रोफेशनल तरीके से करने के लिए किया गया. वर्ष 2018 में NTA आधिकारिक तौर पर अस्तित्व में आया. NTA को NEET, JEE, UGC-NET जैसी बड़ी परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई. साल 2019 से NEET परीक्षा का आयोजन NTA कराने लगा.

दावा किया गया था कि NTA तकनीक और सुरक्षा के जरिए पेपर लीक जैसी घटनाएं रोकेगा. लेकिन इसके बावजूद NEET में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप लगातार सामने आते रहे. वर्ष 2024 में NEET की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप लगे. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा लेकिन परीक्षा रद्द नहीं हुई. जबकि इस वर्ष 2026 में NTA ने शुरुआती जांच के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया है.

परीक्षा देने वाले छात्रों में गुस्सा है, शिक्षक भी गुस्से में हैं. विपक्ष भी सरकार से सवाल कर रहा है. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सीधे सरकार पर हमला किया है और कहा है कि NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी. 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया. राहुल गांधी ने ये भी कहा है कि 10 वर्ष में 89 पेपर लीक हुए और 48 बार दोबारा परीक्षा हुई. वहीं, परीक्षा रद्द करने की खबर के बाद कांग्रेस के छात्र संगठन ने NSUI आज प्रदर्शन किया और दोषियों की एक्शन की मांग की, लेकिन जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी जवाब नहीं दिया.

इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी का कहना है कि ”जांच चल रही है कठोर कार्रवाई होगी’. बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि ”सरकार परीक्षाओं की पवित्रता को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध’ है. मामले की जांच की जा रही है. आरोपियों को सख्त सजा दी जएगी. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा ”CBI से नहीं, इसकी न्यायिक जांच हो. पेपर लीक को लेकर आप नेता अरविंद केजरीवाल, AIMIM अध्यक्ष,असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं’ हैं उन्हें इस्तीफा दे दना चाहिए.

सवाल ये है कि क्या राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) बिना पेपर लीक के परीक्षा कराने में असमर्थ है. इसके लिए ये समझना जरूरी है कि NTA में कौन है और ये कैसे काम करता है. NTA के स्ट्रक्चर की बात करें तो 14 सदस्य हैं. इसकी अध्यक्षता प्रदीप जोशी कर रहे हैं. 2023 में 3 वर्षों के लिए उनकी नियक्ति हुई थी. प्रदीप जोशी UPSC के सदस्य रहने के अलावा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष रह चुके हैं। वैसे UPSC के पेपर लीक नहीं होते हैं, उनका रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है.

1995 बैच के IAS ऑफिसर अभिषेक सिंह NTA के महानिदेशक हैं. रद्द की गई परीक्षा पर DG अभिषेक सिंह ने NTA की तरफ से आधिकारिक बयान दिया है और कहा कि चूक हुई, लेकिन पूरे प्रश्न पत्र लीक नहीं हुए थे. DG अभिषेक सिंह ने कहा कि हमने केस CBI को सौंप दिया है NEET परीक्षा दोबारा होगी. किसी तरह की अनियमित्ता नहीं होगी. 3 मई की परीक्षा से कोई पेपर लीक नहीं हुआ. PDF से कुछ सवाल पेपर से मिलकर आए हैं.

रद्द और जांच वाली प्रक्रिया तो हो रही है लेकिन सवाल ये भी है कि 3 मई की परीक्षा रद्द हो गई, आगे क्या होगा? परीक्षा दोबारा होगी, तारीख तय नहीं है. क्या फिर से परीक्षा के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन होगा? इस पर डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि नहीं, दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, एडमिट कार्ड दोबारा जारी होंगे. क्या छात्रों के परीक्षा केंद्र भी बदले जाएंगे? उन्होंने कहा, नहीं, परीक्षा सेंटर में कोई बदलाव नहीं होगा. क्या दोबारा परीक्षा के लिए पैसे भी देने होंगे? उन्होंने कहा कि छात्रों को कोई फीस नहीं देनी होगी, पहले चुकाई गई फीस भी लौटाई जाएगी. परीक्षा दोबारा आयोजित होगी, पैसे भी नहीं लगेंगे.

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