छत्तीसगढ़ में ड्रॉप आउट बच्चों की होगी घर वापसी, शिक्षा विभाग ने तैयार किया रोडमैप

छत्तीसगढ़ में किसी भी कारण से पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को अब दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों और संस्थानों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर हाल में 31 जुलाई तक ड्रॉप आउट छात्रों का दोबारा दाखिला सुनिश्चित किया जाए।
यू-डाइस डेटा 2025-26 की रिपोर्ट में प्राथमिक से लेकर सेकेंडरी स्तर तक बड़ी संख्या में छात्रों के स्कूल छोड़ने की जानकारी सामने आने के बाद विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब सरकार ने इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है।
15 जून तक तैयार होगी ड्रॉप आउट छात्रों की सूची
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 जून तक ऐसे बच्चों की सूची तैयार करें, जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है या लंबे समय से लगातार अनुपस्थित हैं।इसके बाद 20 जून को दूसरे स्कूलों या संस्थानों के प्रमुख इस सूची की जांच करेंगे, ताकि किसी तरह की फर्जी एंट्री या खानापूर्ति न हो सके।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए दूसरे स्कूल के प्रिंसिपल करेंगे जांच
सरकार ने इस अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है। किसी भी स्कूल की रिपोर्ट की जांच उसी स्कूल के बजाय दूसरे स्कूल के प्रिंसिपल या संस्थान प्रमुख द्वारा की जाएगी।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें और वास्तव में ड्रॉप आउट बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ा जाए।
15 जुलाई तक ब्लॉक स्तर पर चलाया जाएगा प्रवेश अभियान
शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक 15 जुलाई तक ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रवेश अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें दोबारा स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 जुलाई तक ड्रॉप आउट बच्चों की वापसी हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी।











