‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश: कॉलेज में अव्यवस्था देख भड़के मंत्री टंक राम वर्मा, अधिकारियों को लगाई फटकार

राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और नए शिक्षा सत्र से पहले कॉलेजों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आने पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
प्राचार्य समेत कई कर्मचारी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। वहीं स्टाफ की उपस्थिति भी बेहद कम नजर आई। कॉलेज में केवल तीन सहायक प्राध्यापक और कार्यालय के दो कर्मचारी ही मौजूद थे। इसके अलावा वित्तीय लेखा-जोखा संबंधी जानकारी भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इस पर मंत्री टंक राम वर्मा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय संस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साफ-सफाई और अनुशासन पर सख्त निर्देश
कॉलेज परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति देखकर मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी समय पर कॉलेज पहुंचे और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए। मंत्री ने कहा कि छात्रों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
नए शिक्षा सत्र से पहले सुविधाएं दुरुस्त करने के आदेश
आगामी शिक्षा सत्र को देखते हुए मंत्री ने कॉलेज प्रशासन को आवश्यक छात्र सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को जल्द पूरा करने की बात कही। साथ ही छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान और मार्गदर्शन के लिए तत्काल हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए।











