PHQ के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, निरीक्षक अभय सिंह बैस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

बिलासपुर। जिले में पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सिरगिट्टी थाना प्रभारी एवं वर्तमान में रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक अभय सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट की तामिली और उससे संबंधित प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं करने का आरोप है।
गिरफ्तारी वारंट की तामिली में लापरवाही का मामला
जारी निलंबन आदेश के अनुसार, बिहार के कैमूर (भभुआ) स्थित प्रथम व्यवहार न्यायालय के एक प्रकरण में आरोपी मोहम्मद आरिफ खान के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील कर उसकी स्थिति से पुलिस मुख्यालय रायपुर को अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा 12 जून 2026 को पत्र जारी किया गया था।
इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे थाना प्रभारी के कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही माना और निलंबन की कार्रवाई की।
निलंबन अवधि में मिलेगा निर्वाह भत्ता
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान निरीक्षक अभय सिंह बैस को नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पहले भी विवादों में रहे अभय सिंह बैस
गौरतलब है कि हाल ही में सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म और मारपीट के मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में अभय सिंह बैस को लाइन अटैच किया गया था। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया था कि घटना के बाद थाना प्रभारी समय पर घटनास्थल नहीं पहुंचे और कई दिनों तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
रेप केस की जांच में भी उठे थे सवाल
परिजनों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और मामले की विवेचना में भी गंभीर चूक हुई थी। शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद आईजी और एसएसपी स्तर पर मामले की समीक्षा की गई, जिसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और संबंधित विवेचना अधिकारी को लाइन अटैच कर दिया गया था।










